पीलीभीत। शारदा नदी में बारिश का पानी रविवार रात खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया, जिसके चलते दस गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। घरों में पांच फुट तक पानी भर गया है। पुलिस-प्रशासन और एसएसबी की टीमों ने बाढ़ में फंसे करीब 1200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया तो करीब 50 परिवारों ने डैम की सर्विस रोड पर शरण ली। एसडीएम, सीओ के अलावा सिंचाई विभाग के अफसर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के बाद रविवार दिन में बनबसा बैराज से दो लाख क्यूसेक पानी पास किया गया, लेकिन देर रात करीब चार लाख क्यूसेक पानी पास होने की जानकारी मिलते ही अफसर सतर्क हो गए।
नदी किनारे रहने वाले लोगों को सचेत किया गया। आधी रात के बाद शारदा नदी उफनाने से पानी बूंदीभूड़, बंदरबोज, नौजल्हा नकटहा, गभिया सहराई, महाराजपुर, कंजिया सिंहपुर, नलडेंगा, नगरिया खुर्द कला, रमनगरा, भुजिया, धुरिया पलिया गांवों में घुसने लगा। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों ने अपने घरेलू सामान को घर में ही व्यवस्था कर ऊंचे स्थान पर रखा तो पुलिस, प्रशासन और एसएसबी की टीमों ने करीब 12 सौ लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाके से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। करीब 50 परिवारों ने शारदा डैम के सर्विस मार्ग पर शरण ली।
सोमवार को दिन में करीब 11 बजे बारिश थमने के बाद नदी का जलस्तर में कुछ कमी आई। इस दौरान बाढ़ की चपेट में आए गांवों में प्रशासन और ग्राम पंचायत की ओर से खाने के पैकेट बांटे गए। एसडीएम आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार हबीब उर रहमान, सीओ आलोक कुमार, एसओ अचल कुमार के अलावा सिंचाई विभाग के अफसर क्षेत्र पर नजर बनाए रहे।
टापू बना शारदा पार का इलाका
शारदा नदी के पार गोरख डिब्बी, गुन्हान का इलाका टापू बन गया है। लोगों का कहना है कि इस समय फसलों की रोपाई का कार्य चल रहा है। जिसके चलते करीब सौ से अधिक लोग नदी के पार रह रहे हैं। शारदा नदी की बाढ़ को देखते हुए लोगों ने मचान बनाकर रहने की तैयारी कर ली लेकिन रविवार को नदी में पानी बढ़ने से स्थिति बिगड़ गई। तीनों गांव टापू बन गए। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में सात से आठ फुट तक पानी चल रहा है। लोग मचानों पर बैठकर पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं।
नौजल्हा, बूंदीभूड़ी गांव में नावों का लेने पड़ा सहारा
सीमावर्ती गांव नौजल्हा और बूंदीभूड़ इलाके में भी नदी का पानी तेजी से घुस गया। करीब सात फुट तक पानी घरों में भर गया। इससे काफी लोग फंस गए। रविवार रात को ही बचाव टीमों ने नावों की मदद से बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
बीमारी फैलने के डर से स्वास्थ्य विभाग ने बांटी दवाइयां
बाढ़ की चपेट में आए गांवों में बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। सीएमओ के निर्देश पर सोमवार को माधोटांडा सीएचसी की टीम ने गभिया सहराई, नौजल्हा आदि गांवों में कैंप लगाकर जांच करने के बाद दवाइयां बांटीं।
सनेडी तटबंध भी दो स्थानों पर हुआ क्षतिग्रस्त
नौजल्हा क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में बने सनेडी तटबंध को जगबूड़ा और शारदा नदी के तेज बहाव ने क्षतिग्रस्त किया है। जिसके चलते ही दो नदियों का पानी आबादी क्षेत्र में तेजी के साथ घुसा। पानी अधिक होने के कारण सनेडी की स्थिति जानने के लिए सिंचाई विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र पर पूरी नजर रखी जा रही है। पुलिस और एसएसबी की टीमें सक्रिय हैं। जहां जलभराव अधिक हुआ है, वहां से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। सिंचाई विभाग के अनुसार नदी का पानी लगातार कम हो रहा है। रविवार रात शारदा नदी में बाढ़ का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया था, अब उसमें कमी आई है।
- आशुतोष गुप्ता, एसडीएम कलीनगर
कलीनगर के गांव कंजियासिंहपुर में बाढ़ के बीच मासूम बच्चे को गोद में लेकर सुरक्षित स्थान पर जात
कलीनगर के गांव कंजियासिंहपुर में बाढ़ के बीच मासूम बच्चे को गोद में लेकर सुरक्षित स्थान पर जात
कलीनगर के गांव कंजियासिंहपुर में बाढ़ के बीच मासूम बच्चे को गोद में लेकर सुरक्षित स्थान पर जात
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