पीलीभीत। यूपी-उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी। फोरलेन हाईवे का निर्माण होने से विकास को रफ्तार मिलेगी। दो हजार करोड़ रुपये की लागत से बरेली-सितारगंज हाईवे फोरलेन करने की तैयारी है। सड़क 24 मीटर चौड़ी होगी। सड़क के लिए जिले के 17 गांवों में जमीन का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वन विभाग से पेड़ काटने के लिए अनापत्ति मांगी गई है। अगले कुछ महीने सड़क निर्माण के लिए टेंडर कराए जाएंगे।
बरेली से सितारगंज तक का सफर अभी कम से कम दो घंटे का है लेकिन जब फोरलेन सड़क बनेगी तो यह सफर 45 से 60 मिनट का रह जाएगा क्योंकि बरेली से सितारगंज तक बीच में पड़ने वाले प्रत्येक कस्बे को बाईपास कर दिया जाएगा। वाहनों को कहीं भी शहर के अंदर जाने की मजबूरी नहीं रहेगी। बरेली से चलेंगे तो रिठौरा, नवाबगंज, जहानाबाद, पीलीभीत और अमरिया जैसे कस्बे बाईपास से ही गुजर जाएंगे। जगह-जगह फ्लाई ओवर बनाए जाएंगे। फोरलेन सड़क 69.5 किलोमीटर लंबी बनेगी। सड़क में मौजूदा टू लेन सड़क का 26 किलोमीटर हिस्सा शामिल किया जाएगा। यह हिस्सा फोरलेन का हो जाएगा। बाकी सड़क टू लेन ही रहेगी। दोनों सड़कों पर यातायात चलेगा लेकिन भरपूर रफ्तार फोरलेन में ही मिलेगी।
देश विदेश के लोग आसानी से आ सकेंगे पीलीभीत टाइगर रिजर्व
एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक अमित रंजन चित्रांशी ने बताया कि सड़क बनने से यूपी की कनेक्टिविटी उत्तराखंड के साथ बेहतर हो जाएगी। औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। पीलीभीत में पर्यटन का भी विकास होगा। क्योंकि अभी सड़क खराब होने से दूसरे राज्यों के लोग कम आते हैं जब बरेली और उत्तराखंड से फोरलेन सड़क की कनेक्टिविटी मिलेगी तो देश विदेश के लोग पीलीभीत टाइगर रिजर्व तक घूमने के लिए आ सकेंगे। दिल्ली से बरेली सड़क और हवाई मार्ग की कनेक्टिविटी पहले से है। पीलीभीत के लिए फोरलेन 2025 तक बन जाने की उम्मीद है। इसके लिए जमीनों का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया तकरीबन पूरी है। अब सिर्फ शासन से धनराशि का आवंटन होना है। धनराशि आते ही उसे किसानों के खाते में भेजा जाएगा। इसी बीच टेंडर निकाले जाएंगे। इसके बाद सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा।
टू लेन सड़क बनी रहेगी
बरेली से सितारगंज तक गई मौजूदा सड़क वैसी ही बनी रहेगी। इस सड़क को ठीक कराने और रेलवे लाइन पर ओवर ब्रिज बनाने में सरकार 145 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। यह काम जनवरी 2023 तक पूरा हो जाएगा। यह जानकारी भी परियोजना निदेशक अमित रंजन चित्रांशी ने दी है।