पीलीभीत। कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पीएचसी है मगर यहां सामान्य प्रसव की सुविधा भी नहीं है। बच्चों को पढ़ने के लिए नदी पार करके जाना पड़ता है।
बाढ़ से घिरे गांवों के निरीक्षण के बाद कमिश्नर ने वमनपुर भगीरथ गांव के ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनी। इस पर ग्रामीणों ने कहा कि पढ़ाई काे लेकर सबसे अधिक दिक्कत है। 30 से 35 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है और विद्यार्थी नदी पार करके जाते हैं। इस पर कमिश्नर सौम्या अग्रवाल बीएसए को निर्देश दिए कि जूनियर हाईस्कूल व इंटर कॉलेज निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजे।
डीआईओएस को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास चलाने की व्यवस्था करें। ग्रामीणों ने कहा कि यहां मोबाइल के नेटवर्क की दिक्कत रहती है। इसके अलावा सड़क स्वास्थ्य की सुविधाएं अच्छी नहीं हैं। जिस पर कमिश्नर ने लोक निर्माण विभाग को सड़क निर्माण कराये जाने व जिला प्रशासन को तत्काल बीएसएनएल से संवाद स्थापित कर बार्डर एरिया कनेक्टिविटी सुनिश्चित कराए जाने हेतु निर्देेशित किया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि बंबू क्रैट लगाकर शारदा नदी के कटान को रोके।
बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट सड़क के निर्माण की अड़चनें होंगी दूर
मंडलायुक्त ने बताया कि नेपाल भारत बॉर्डर पर 35 किलोमीटर बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट सड़क का निर्माण होना है। अभी तक दो किलोमीटर सड़क बन पाई है। वन विभाग की एनओसी ना मिलने की वजह से निर्माण कार्य अटका हुआ है। जबकि इसका बजट निर्माण एजेंसी के पास है। उन्होंने कहा इस मामले में मुख्य सचिव को अवगत कराया जाएगा। इसके अलावा वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर एनओसी दिलाई जाएगी। जिससे कि बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट की सड़क का निर्माण पूरा किया जा सके।
मंडलायुक्त ने इन गांवों का जाना हाल
सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज, मुरैनिया गांधीनगर, राणाप्रताप नगर, सिद्ध नगर, नहरोसा, विजय नगर, कबीरगंज, श्रीनगर, कुठिया गुंदिया, अशोक नगर, शास्त्रीनगर, रामनगर, शांति नगर, चंदिया हजारा और भरतपुर गांव के बारे में भी जानकारी की।