बीसलपुर-बिलसंडा। बाढ़ का पानी 132 केवीए उपकेंद्र में भर जाने से उससे जुड़े छह अन्य उपकेंद्रों से भी मंगलवार की रात विद्युत आपूर्ति ठप हो गई, जो अब तक जारी है। इससे करीब तीन लाख की आबादी प्रभावित है। अब जलस्तर कम होने पर उपकेंद्रों में कर्मचारियों ने नमी सुखाने का कार्य शुरू किया है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही आपूर्ति सुचारू हो जाएगी।
चार दिन पूर्व देवहा नदी का बाढ़ का पानी नगर में घुस आया था, जो 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र में भी काफी ऊंचाई तक भर गया। ऐसे में इससे जुड़े छह अन्य उपकेंद्र भी ठप हो गए और पूरे तहसील क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।
चार दिनों से विद्युत आपूर्ति ठप होने से लोगों के इनवर्टर भी ठप हो गए हैं। लोग मोबाइल चार्ज करने तक के लिए परेशान हैं। संपन्न लोगों ने तो किराये के जनरेटर लगाकर विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था कर ली है लेकिन अन्य लोगों को काफी ज्यादा दिक्कत हो रही है।
लोगों के घरों में पानी के टैंक भी खाली हो गए हैं। ऐसे में लोगों को नलों से पानी लाकर किसी तरह काम चलाना पड़ रहा है। महिलाओं को काफी ज्यादा दिक्कत हो रही है।
चार दिनों से बिजली न आने से पूरे तहसील क्षेत्र के बीसलपुर नगर, बिलसंडा और बरखेड़ा कस्बा के अलावा 150 से अधिक गांवों की करीब तीन लाख की आबादी प्रभावित है। लोगों की दिनचर्या बिजली न आने से पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है।
नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के फोन विद्युत नियंत्रण कक्ष में लगातार जा रहे हैं। इस संबंध में ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि विद्युत उपकेंद्र के नियंत्रण कक्ष से तो बाढ़ का पानी हट गया है लेकिन परिसर में अब भी पानी भरा हुआ है। प्रयास किया जा रहा है कि शनिवार की सुबह तक हर हालत में विद्युत आपूर्ति शुरू कर दी जाए।
आटा चक्कियां बंद, लोग परेशान
बिजली न होने से आटा चक्कियां भी नहीं चल पा रही हैं, जिससे गेहूं पीसने की समस्या बन गई है। ऐसी स्थिति में लोगों को बाजार से महंगी दर पर आटा खरीदना पड़ रहा है। दुकानदार भी इस स्थिति का अनुचित लाभ उठाकर अधिक रेट पर आटा बेच रहे हैं।
जनरेटर का बढ़ गया किराया
चार दिन से बिजली न आने के कारण संपन्न लोगों ने बाजार में किराये पर जनरेटर लगाए हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए जनरेटर वालों ने भी किराया बढ़ा दिया है। अब तक जनरेटर का किराया 200 रुपये प्रति घंटे था जो बढ़कर 300 रुपये प्रति घंटे हो गया है। कुछ लोग शाहजहांपुर, बरेली और पीलीभीत से भी जनरेटर ले आए हैं।
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विद्युत उपकेंद्र के लगा रहे चक्कर
बिजली न आने से परेशान लोग विद्युत उपकेंद्र के चक्कर लगा रहे हैं। इस बीच कुछ जागरूक उपभोक्ताओं ने ऊर्जा निगम के पीलीभीत, बरेली और लखनऊ के अधिकारियों को भी समस्या बताई है लेकिन अब तक समस्या का निराकरण नहीं हो पाया है।
500 परिवारों ने ली रिश्तेदारों के यहां शरण
बीसलपुर। तहसील क्षेत्र में पिछले चार दिनों से बिजली की समस्या से परेशान 500 से अधिक परिवार रिश्तेदारी में चले गए हैं। ये लोग शाहजहांपुर, बरेली, पीलीभीत, गोला, फरीदपुर, फतेहगंज पश्चिमी, हरिद्वार, निगोही, बंडा और पूरनपुर गए हैं।
गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में नौकरी करता हूं। घर से ही ऑफिस का कार्य कर रहा था, बिजली न आने के कारण मुख्यालय गुरुग्राम आना पड़ा है। जिससे कि कार्य न बाधित हो।
- शिवम दीक्षित, गांव रंभोजा
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छोटे बच्चे को गर्मी के कारण दिक्कत हो रही थी। पत्नी और बच्चे को लेकर शाहजहांपुर में रह रही बहन के घर आ गए हैं। आपूर्ति में सुधार होने पर ही बीसलपुर वापस जाएंगे।
- प्रबल शर्मा, मोहल्ला दुबे
पूरनपुर में भी 650 परिवारों की ठप रही बिजली
पूरनपुर। ब्लाॅक चौराहा पर फाॅल्ट के बाद एसडीओ कार्यालय परिसर में रखे 630 केवीए ट्रांसफार्मर में शुक्रवार पांच बजे फाॅल्ट हो गया। तारों से निकली चिंगारी से बड़ा हादसा होते-होते बचा। ब्लॉक चौराहा के समीप फुटपाथ पर मोबाइल सिम बिक्री कर रहे युवक के छाते में आग लग गई, जिसे समय रहते बुझा लिया गया। इससे नगर के 650 से अधिक उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इधर, फीडर नंबर दो में एक बैटरी व्यापारी के प्रतिष्ठान के समीप केबल में आग लगने से फीडर नंबर दो की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जिसे शाम सात बजे तक सुचारू नहीं किया जा सका। संवाद
शिवम दीक्षित।
शिवम दीक्षित।