अधूरा पड़ा माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग का निर्माण कार्य।संवाद
पीलीभीत। लंबे समय से खस्ताहाल पड़े माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग का बारिश के बीच निर्माण होने से गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। 10 दिन पहले ही सड़क निर्माण शुरू हुआ है। अब तक चार किलोमीटर हिस्सा बनाया जा चुका है। अब स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य पर सवाल उठाए हैं। बारिश के दौरान काम बंद रखने की मांग की है।
माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग की लंबाई 30 किलोमीटर है। इस मार्ग से करीब 40 से अधिक गांव जुड़े हुए हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का इस मार्ग से गुजरना होता है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व, बाइफरकेशन और शारदा डैम क्षेत्र का भ्रमण करने के लिए आने वाले सैलानी और वीआईपी भी इस मार्ग से होकर ही गुजरते हैं। करीब तीन साल से मार्ग की हालत खराब थी। गहरे गड्ढे हो गए थे।
बीते दिनों शासन ने मार्ग के नवीनीकरण के लिए सात करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया। दस दिन पहले ठेकेदार ने यहां काम शुरू करा दिया। उस दौरान भी स्थानीय लोगों ने बारिश में काम होने पर सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई थी। इसके बाद भी काम जारी रखा गया। 10 दिन में कलीनगर से दयालपुर चौकी तक करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जा चुकी है।
बारिश होने से दो दिन तक काम रोक दिया गया। बृहस्पतिवार को फिर से इसे शुरू कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के बीच निर्माण कार्य के नाम पर औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं। भाकियू नेता गुरदीप सिंह ने बताया कि बारिश में बनी सड़क जल्द ही उखड़ने लगेगी। उन्होंने अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।
वर्जन
मौसम खुलने पर ही निर्माण कराया जा रहा है। गुणवत्ता प्रभावित होने की बात गलत है। जल्द ही काम पूरा कर लिया जाएगा। - एसपी गौतम, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी