मेरा घर मोहल्ले में ही है। चार लोगों की हत्या की खबर फैलते ही शहर के लोग मोहल्ला तखान की ओर दौड़ पड़े थे। हत्या की जानकारी सुबह तब हुई, जब लोग जगे। मैं मौके पर पहुंचा तो लाशें पड़ीं थीं। मैं देखकर कुछ बोलने लायक नहीं था। हर कोई सन्न था और यही सवाल कर रहा था कि किसने हत्या की? लेकिन कोई यह नहीं जान पा रहा था कि कोई अपना ही अपनों की जान के दुश्मन बन गया।
संजीव शर्मा निवासी मोहल्ला तखान