पूरनपुर क्षेत्र के गांव नवदिया मुजप्ता के समीप बाघ की निगरानी को पहुंची वन विभाग की टीम।स्रोत:
पूरनपुर। जंगल किनारे खेत में घास काट रहे सेहरामऊ उत्तरी के गांव नविदया मुजप्ता निवासी मुनीश को बाघ ने ही हमला कर लहूलुहान किया था। इस बात की पुष्टि वन विभाग के अफसरों ने भी की है। अब तक तेंदुए का हमला मान रहे वन विभाग को बाघ के पगचिह्न भी मिले हैं।
बाघ के हमले की घटना सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र में जंगल किनारे रविवार को उस समय हुई थी जब गांव नवदिया मुजप्ता निवासी मुनीश जंगल किनारे खेत में घास काटने गया था। इस दौरान पड़ोस के खेत से निकले बाघ ने उस पर हमला कर लहूलुहान कर दिया था।
आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों के शोर-शराबा करने पर बाघ मुनीश को छोड़कर फिर गन्ने के खेत में घुस गया था। युवक के घायल होने के बाद वन विभाग के अफसर बाघ या तेंदुए के हमले को लेकर असमंजस में थे। घटना के बाद खुटार और हरीपुर रेंज की टीमें मौके पर पहुंची थी।
हरीपुर रेंजर वीरेंद्र रावत ने बताया कि घटनास्थल के समीप बाघ और तेंदुए दोनों के पदचिह्न मिले। मगर जांच में बाघ के हमले में ही मुनीश के घायल होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि बाघ की निगरानी के लिए टीम को लगाया गया है। आसपास के लोगों को सतर्क कर दिया गया है। अकेले न जाने की सलाह भी दी गई है।