जिसके चलते उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंडी समिति स्थित उमेश ट्रेडिंग कंपनी के स्वामी आकाश अग्रवाल सोमवार को मंडी कार्यालय गेट पास कटवाने पहुंचे। बताते हैं कि मंडी सचिव ने गेट पास देने से इंकार किया गया। आरोप है कि कुछ देर बाद फर्म पर पहुंचे मंडी कर्मियों ने उनसे सुविधा शुल्क की मांग की और न देने पर लाइसेंस निलंबन की धमकी दी। जिसके चलते आढ़ती की हालत बिगड़ गई। उन्हें शहर के निजी में भर्ती कराया गया। मामले की जानकारी पर तमाम आढ़ती मंडी सचिव से मिले। आरोप है कि मंडी सचिव ने मिलने पहुंचे आढ़तियों से भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया। खाद्यान्न आढ़ती कल्याण समिति के महामंत्री रवि गंगवार ने बताया कि कल 29 सितंबर को आढ़तियों की बैठक होगी। बैठक में इसको लेकर रणनीति तय की जाएगी। इधर मंडी सचिव मनीष सिंह ने बताया कि उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार है। उन्होंने किसी से अभद्रता नहीं की है।