पूरनपुर। गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनीति का अखाड़ा बन गया है। शिकायत पर जांच हो रही है। अब महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने पांच सदस्यीय जांच टीम गठित की है। टीम महाविद्यालय के प्राचार्य, लेखा प्रभारी और प्रबंधक/ ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक पर लगाए गए आरोपों की जांच करेगी।
स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिंदी विषय में अनुपस्थित विद्यार्थियों को उपस्थित दिखाकर अंक अपलोड किए गए थे। प्रकरण में प्राचार्य की शिकायत पर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। टीम ने जून में महाविद्यालय पहुंचकर जांच की थी। हालांकि जांच के बाद अब तक प्रकरण मेंं कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके अलावा विभिन्न नामों से लगातार शिकायतें की जा रही हैं। कुछ प्रवक्ता अपने रिश्तेदारों से शिकायत करा रहे है। शिकायतों का सिलसिला न रुकने पर अब राजभवन से प्राप्त विभिन्न पत्रों, जनसुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायतों को रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने गंभीरता से लेकर पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है।
कमेटी में विश्वविद्यालय परिसर विधि विभाग के मुखिया, गन्ना उत्पादक स्नातकोत्तर महाविद्यालय बहेड़ी के प्राचार्य, विश्वविद्यालय परिसर के सह आचार्य, एमबीए विभाग के विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय परिसर के उप कुलसचिव को शामिल किया गया है।
जांच टीम स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य, लेखा प्रभारी, प्रबंधक/ ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक पर लगाए गए विभिन्न आरोपों की जांच करेगी। जांच की भनक पर स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रवक्ताओंं और अन्य में खलबली मची है।