पीलीभीत-बीसलपुर। कातिबों ने मंगलवार को अपने लाइसेंसों का नवीनीकरण न किए जाने पर काम नहीं किया। जिले भर में कातिब हड़ताल पर रहे।
बीसलपुर में कातिबों की ओर से तहसीलदार को दिए गए मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन में कहा गया हैै कि उन लोगों ने अपने लाइसेंसों का नवीनीकरण कराने के क्रम में सभी औपचारिकताएं बिल्कुल सही समय पर पूरी कर दी थीं, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने अब तक उनके लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं किया है।
नियमानुसार नवीनीकरण पहली अप्रैल 2024 को हो जाना चाहिए। सात सितंबर को अपर जिलाधिकारी ने उपनिबंंधक कार्यालय पीलभीत मे छापा मारकर चार कातिबों को उनके लाइसेंसों का नवीनीकरण न होने के आरोप में पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। बीसलपुर के किसी भी दस्तावेज लेखक के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं है। इस वजह से उन्हें भी पकड़े जाने का डर सता रहा है।
जब तक उनके लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं होगा, तब तक वे लोग उपनिबंधक कार्यालय में काम नहीं करेंगे। ज्ञापन देने वालों में नरेश शर्मा, मुश्ताक अहमद, शाहिद अनवर, घनेंद्र गंगवार, छत्रपाल, विनोद कुमार आदि शामिल रहे। उपनिबंधक विजय सिंह ने बताया कि मंगलवार को कातिबों के कोई काम न करने से विभाग को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है।
अधिवक्ताओं ने कातिबों को दिया समर्थन
बीसलपुर। तहसील बार एसोसिएशन से संबद्ध अधिवक्ताओं ने कातिबों का समर्थन दिया है। कातिबों ने तहसील बार एसोसिएशन से समर्थन मांगा था। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सूरज प्रकाश गुप्ता और महामंत्री राजाराम माथुर ने कातिबों को समर्थन दे दिया है। संवाद
पूरनपुर के कातिबों में भी रोष
पूरनपुर। तहसील क्षेत्र के कातिबों ने पीलीभीत के चार कातिबों को पुलिस के हवाले करने पर रोष व्यक्त किया है। महानिरीक्षक निबंधन को पत्र भेजकर लाइसेंसों के नवीनीकरण न होने पर कार्रवाई की मांग कर तुरंत कार्रवाई की मांग की गई है। पत्र पर अयोध्या प्रसाद, जहीर अहमद, नरेश आजाद, आसिफ, हरीओम आदि कातिबों ने हस्ताक्षर हैं। संवाद
हड़ताल के कारण अब तक हुआ 40 लाख के राजस्व का नुकसान
पीलीभीत। एडीएम की कार्रवाई के विरोध में समूते जिले में कातिब हड़ताल पर हैं। कातिब संघ के अध्यक्ष के अनुसार दो दिनों से जारी हड़ताल के कारण अब तक करीब 40 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हो चुका है।
गत नौ अगस्त को पीलीभीत स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पर एडीएम ने छापा मारा था। इस दौरान छह कातिब बिना लाइसेंस के कार्य करते हुए मिले थे। एडीएम ने सभी को पुलिस के हवाले कर दिया था। मामले का काफी विरोध भी हुआ था। इसके बाद कातिब हड़ताल पर चले गए। जो अब तक जारी हैं।
कातिब संघ के अध्यक्ष राकेश जौहरी ने बताया कि नियमों के अनुसार कातिबों के लाइसेंस का नवीनीकरण अप्रैल माह तक होना चाहिए लेकिन आवेदन करने के बाद भी अब तक नवीनीकरण नहीं किया गया है। इसमें प्रशासन की लापरवाही है। बावजूद इसके कातिबों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। संवाद