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Pilibhit News: सावन में भोले के भक्तों को तकलीफ देंगी शहर की सड़कें

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शहर की रोडवेज बस स्टैंड जाने वाली सड़क पर हुए गड्डे।संवाद
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पीलीभीत। भगवान शिव को समर्पित श्रावण मास शुरू होने में सप्ताह भर से कम का समय बाकी है। इसके साथ ही कांवड़ियों के जत्थों के निकलने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। मगर, सावन में कांवड़ियों की राह सुगम करने के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। ऐसे में नेशनल हाईवे से लेकर शिव मंदिरों तक जाने वाली सड़कों में बने गड्ढे शिवभक्तों की राह को मुश्किल करेंगे। 22 जुलाई से सावन माह शुरू हो जाएगा। ऐसे में पांच दिन में सड़कों को दुरुस्त करना विभागों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। मजबूरन कांवड़ियों को इन बदहाल सड़कों से होकर ही गुजरना पड़ेगा।
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नौगवां चौराहे पर गड्ढों की भरमार

शहर में आने वाले शिव भक्तों को मंडी समिति मेें रोका जाता है। दूसरे दिन उनको गौरीशंकर मंदिर में जलाभिषेक के लिए भेजा जाता है। वह लोग अंडरपास होते हुए नौगवां चौराहा से मंदिर तक जाते हैं। बीते कई माह से ओवरब्रिज के नीचे की एप्रोच सड़क बदहाल है। हालांकि इसकी मंजूरी मिलने के बाद काम भी शुरू करा दिया गया था। इसके बाद ठेकेदार काम छोड़कर चला गया। ऐसे में अब ठेकेदार की मनमानी के चलते कष्ट कांवड़ियों को उठना पड़ेगा।



दोनों ओर खड़ीं बसें और सड़क पर गड्ढे
कछला से गंगाजल लेकर आने वाले शहर समेत आसपास क्षेत्र के कांवड़िए वापसी में शहर के टाइगर तिराहा से प्रवेश करते हैं। यहां से कांवड़िया ईदगाह रेलवे क्रॉसिंग, रोडवेज बस स्टैंड, लकड़ी मंडी, जेपी रोड, चौक से होते हुए नई तहसील के समीप से आयुर्वेदिक कॉलेज रोड होते हुए प्राचीन गौरी शंकर मंदिर पहुंचते हैं। टाइगर तिराहे से ईदगाह तक तो रास्ता ठीक-ठाक है, लेकिन रेलवे क्रॉसिंग के समीप उधड़ी पड़ी बजरी और रेलवे ट्रैक की उखड़ी पेवर ब्लॉक कांवड़ियों को दर्द दे सकती हैं। इस मार्ग पर रोडवेज बस स्टैंड से लेकर बरेली मार्ग तक करीब 400 मीटर के दायरे में कई बड़े गड्ढे हैं। सबसे ज्यादा बुरे हालात रोडवेज बस स्टैंड के सामने है। यहां कुछ हिस्से में सड़क ही गायब हो चुकी है तो दोनों ओर बसें खड़ी होने से दिक्कत और बढ़ जाती है। लकड़ी मंडी में भी दो स्थानों पर सड़क पर गड्ढे हैं। बरेली गेट के समीप भी सड़क कई जगह से टूटी है। जेपी रोड पर रामस्वरूप पार्क के समीप भी सड़क क्षतिग्रस्त है।
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बदहाल है मंदिर जाने वाली सड़क
आयुर्वेदिक कॉलेज से गौरीशंकर मंदिर जाने वाले मार्ग की हालत तो और भी दयनीय है। यहां आयुर्वेदिक कॉलेज के गेट से कुछ दूर आगे बढ़ते ही गड्ढों का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो सत्यनारायण मंदिर तक जारी रहता है। यहां सड़क के किनारे भी टूटे होने के साथ कई जगह जलभराव है। कांवड़ यात्रा में ये गड्ढे ही शिवभक्तों के लिए परेशानी का सबब बनेंगे।



पांच दिन में कैसे सुखदाई होगी कांवडि़यों की डगर


बारिश के चलते गड्ढों में पानी भर गया था। अब फिलहाल बारिश नहीं हो रही है। ऐसे में पालिका की ओर से रास्ते को ठीक करने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है। जबकि श्रवण माह शुरू होने में सिर्फ पांच दिन शेष हैं।
- विक्की, गोपालसिंह



श्रवण माह आने पर काम चलाऊ काम कर दिया जाता है। इसमें खानापूर्ति होती है। गड्ढों को ठीक करने के बाद कुछ ही समय पर फिर हालात वैसी ही हो जाते हैं। कांवडि़यों के मुख्य मार्गों की स्थिति काफी खराब है।
- राजीव अग्रवाल, निवासी मलिक मोहम्मद



-
बारिश का पानी निकल चुका है। रास्तों को ठीक कराया जाएगा। मौके पर अधिकारियों को भेजकर दिखाया जाएगा। जहां- जहां स्थिति खराब है उसे जल्द ठीक कराया जाएगा।
- संजय कुमार सिंह, डीएम

शहर की रोडवेज बस स्टैंड जाने वाली सड़क पर हुए गड्डे।संवाद

शहर की रोडवेज बस स्टैंड जाने वाली सड़क पर हुए गड्डे।संवाद

शहर की रोडवेज बस स्टैंड जाने वाली सड़क पर हुए गड्डे।संवाद

शहर की रोडवेज बस स्टैंड जाने वाली सड़क पर हुए गड्डे।संवाद

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