पीलीभीत। मुख्यालय से प्रस्ताव पास न होने के कारण शारदा नदी के धनाराघाट पर पेंटून पुल अभी नहीं बन सकेगा। पुल में देरी को देखते हुए अब वहां पर लोक निर्माण विभाग नाव का संचालन शुरू कराएगा। इसके लिए टेंडर निकाला गया है। यहां बता दें कि पुल 15 नवंबर तक शुरू हो जाता है। पुल से नदी पार बसी करीब एक लाख की आबादी की आवाजाही रहती है।
पूरनपुर ब्लॉक की ट्रांस शारदा क्षेत्र की 17 ग्राम पंचायतों की करीब एक लाख आबादी के सामने हर साल बारिश के दौरान आवाजाही की समस्या हो जाती है। कारण है कि शारदा नदी पर पक्का पुल न होना है। बारिश के बाद नदी की मुख्य धार पर पेंटून पुल (पीपा का पुल) बनाया जाता है। पुल को लेकर आदेश है कि 15 नवंबर से इसे शुरू कर दिया जाए, लेकिन बीते दो साल से ऐसा नहीं हो पा रहा। तय समय पर पुल को विभाग की ओर से तैयार ही नहीं किया जा रहा है।
पिछले साल भी जनवरी के अंत में पुल से आवाजाही शुरू हो सकी थी। इस बार भी पुल तय समय में शुरू होने की संभावना नहीं। अब तक पुल को बनाने के लिए भेजा प्रस्ताव मुख्यालय से पास नहीं हो सका है। इस कारण अब वहां के लोगों के सामने मात्र नाव से आवागमन ही सहारा बचा है। हालांकि विकल्प के तौर पर शारदा नदी के पार बसे लोग लखीमपुर होते हुए 130 किलोमीटर का चक्कर काटकर पूरनपुर पहुंच सकते हैं, जैसा कि 30 जून के बाद से लोग करतेे आ रहे हैं।
तीसरी बार हुआ टेंडर तो माह के अंत में नाव संचालन की जागी उम्मीद
पुल न बनने की दशा में लोनिवि की ओर से सरकारी नावों का संचालन किया जाता है। इस बार नाव का भी संचालन शुरू नहीं हो सका है। नाव के संचालन के लिए पूर्व में दो बार टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो ठेकेदार न होने से निरस्त कर दी गई। अब तीसरी बार टेंडर हुआ तो नाव संचालन की उम्मीद जागी है। अधिकारियोें का दावा है कि माह के अंत में नाव का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
पक्के पुल का भी नहीं चल रहा कुछ पता
शारदा नदी पर पक्का पुल बनाने का प्रस्ताव शासन स्तर से पास हो चुका है। इसके लिए बजट भी पास हो चुका है। पुल सेतु निगम की ओर से बनाया जाएगा। पुल को लेकर विभागीय मंत्री जितिन प्रसाद भी मौके पर जाकर जांच पड़ताल कर चुके है। इसके बाद पुल निर्माण को लेकर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
पेंटून पुल का प्रस्ताव अभी पास नहीं हो सका है। शारदा नदी पर नावों का संचालन इस माह के अंत तक शुरू हो जाएगा। इसका टेंडर हो चुका है। छोटी धार और बड़ी धार पर एक-एक नाव का संचालन किया जाएगा।- उदय नरायन, अधिशासी अभियंता, लोनिवि