पूरनपुर। मंंडी में आवक बढ़ने पर धान का मूल्य गिर गया है। अब सूखा और अच्छा धान व्यापारी 1900 रुपये प्रति क्विंटल तो खेत से सीधे काटकर लाया गया धान 1600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीद रहे हैं। जबकि कुछ दिन पहले सूखा और अच्छा धान दो हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा था।
बता दें कि खरीद केंद्रों पर पंजीकरण, सत्यापन, नमी आदि के झंझटों से बचने के लिए अधिकतर किसान चावल मिल मालिकों और व्यापारियों के हाथ औने-पौने दामों में धान की बिक्री कर रहे हैं।
व्यापारी किसानों की इस मजबूरी का फायदा उठाकर तेजी से धान खरीद रहे हैं, ताकि बाद में खरीदे गए धान को सरकारी खरीद में दिखाकर मोटा लाभ कमाया जा सके।
शर्तों पर खरीदा जा रहा धान
चावल मिल मालिक और व्यापारी, अधिकांश किसानों को उनके खातों में भुगतान नहीं कर रहे हैं, बल्कि एक-दो महीने में राशि देने की शर्त रख रहे हैं।
सीधे खरीद पर मंडी शुल्क में है छूट
चावल मिल मालिक सीधे किसान से धान खरीद सकता है, लेकिन यह जरूरी है कि वह उसके खाते में भुगतान करे। ऐसे में उसको मंडी शुल्क में छूट मिलती है।
मंडी समिति परिसर के अधिकतक केंद्रों पर धान खरीद शुरू हो गई है। धान में मानक से अधिक नमी होने पर किसान मंंडी में ही धान को सुखा कर खरीद केंद्रों पर बिक्री कर रहे है।
- लाल प्रताप सिंह, एएमओ
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गैर जनपद का बेचा जा रहा धान, किसानों ने लगाया जाम
बिलसंडा। शाहजहांपुर से बिक्री करने के लिए लाई गई धान से भरी नौ ट्रैक्टर ट्रॉलियों को किसानों ने रोक लिया। मार्ग जाम कर जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम नागेंद्र पांडेय ने किसानों को बमुश्किल समझाया। कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद ही किसान शांत हुए और जाम खुला।
गांव करेली के पास किसानों ने विरोध जताया और शाहजहांपुर से लाई जा रही नौ ट्रैक्टर ट्रॉलियों को रोक लिया। सड़क पर चक्का जाम कर बैठे किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें फसल का सही दाम नहीं मिल पा रहा है वहीं शाहजहांपुर से लाकर यहां धान बेचा जा रहा है। कई बार इस संबंध में शिकायत भी की गई पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। किसानों ने क्रय केंद्रों के कागजों में संचालन का आरोप भी लगाया। जानकारी पाकर एसडीएम नागेंद्र पांडेय वहां पहुंचे और नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया। विरोध के चलते आधा घंटा जाम लगा रहा। पुलिस ने सभी ट्रैक्टर ट्रॉली को थाने में लाकर एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई की। संवाद