पीलीभीत के मोहल्ला परमठ मंदिर में श्री राम लीला महोत्सव में लीला का मंचन करते कलाकार।संवाद
पीलीभीत। शहर के परमठ मंदिर पर चल रही श्रीराम लीला महोत्सव में मंगलवार रात छठे दिन धनुष यज्ञ और परशुराम लक्ष्मण संवाद की लीला का मंचन किया गया।
देर शाम शुरू हुए मंचन में प्रदर्शित किया गया कि राजाओं ने अनेकानेक प्रयत्नों से शिव धनुष को उठाने का प्रयास किया। किंतु वे उसे हिला भी न सके। यह देख राजा जनक दुखी हो गए। प्रभु राम ने गुरु की आज्ञा पाकर तथा सभी को नमन कर ज्यों ही धनुष उठाने का प्रयत्न किया वह तीव्र ध्वनि के साथ टूट गया। ढोल नगाड़े बजने लगे, देवगण पुष्पवर्षा करने लगे। तभी तीव्र ध्वनि का स्वर सुन भगवान परशुराम वहां आ पहुंचे और क्रोधित हो जनक से बोले।
हे राजन ये कैसा शोर गुल है। लक्ष्मण क्रोधित हो बोले आप जैसे मुनि को क्रोध शोभा नहीं देता। धनुष पुराना था, उठाने के प्रयास में ही टूट गया। इधर सीता जी ने प्रभु राम के गले में जयमाल डाल दी। सभी भक्तगण प्रभु राम और सीता माता की जय जयकार कर प्रफुल्लित हो उठे। इस अवसर पर महंत ओमकार नाथ, सुनील मिश्रा, अमरीश शर्मा अंबू, रमाकांत पांडेय, भानु प्रताप सिंह, प्रेम सिंह, नरेश शुक्ला आदि मौजूद रहे।