पीलीभीत। बाढ़ और बरसात के दौरान जनपद के कई इलाकों में कटे मुख्य मार्ग के अलावा संपर्क मार्गों की लंबा समय बीतने के बाद भी मरम्मत नहीं कराई जा सकी है। ऐसा तब है जबकि सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम जर्जर मार्गों की मरम्मत के निर्देश दे चुके हैं, बावजूद इसके सड़कों की स्थिति में सुधार नहीं हो सका है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
जनपद में जुलाई में आई बाढ़ से माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग की हालात सबसे ज्यादा खराब हुई थी। मार्ग तीन स्थानों पर कटने के साथ ही अन्य स्थानों पर धंस गया था। करीब डेढ़ माह तक आवागमन ठप रहा। ग्रामीणों के रोष के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने कटे मार्ग पर अस्थायी मरम्मत कराकर आवागम शुरू कराया। अन्य स्थानों पर मिट्टी डालकर काम चलाया जा रहा है, बावजूद इसके लंबा वक्त बीतने के बाद भी मार्ग पर स्थायी मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया जा सका है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि 30 किमी लंबे मार्ग पर अव्यवस्थाएं हावी हैं। मार्ग पर हर कदम पर गड्ढे हैं। इस कारण एक घंटे का सफर दो घंटे में तय हो पा रहा है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजेश चौधरी ने बताया कि बाढ़ में कटे मार्गों में अधिकांश जगह सुधार कराया गया है। शेष स्थानों पर भी कार्य कराया जाएगा। स्थायी कार्य के लिए शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजा गया है।
बाढ़ के बाद मार्ग की स्थायी मरम्मत का कार्य ठप
छह माह पूर्व माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग की मरम्मत के लिए शासन ने आठ करोड़ का बजट मंजूर किया था। इसके बाद कार्य शुरू कर तीन किमी तक नवीनीकरण कराया गया, लेकिन बाढ़ आने के बाद कार्य ठप हो गया, जो लंबा समय बीतने के बाद भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। जहां नवीनीकरण का कार्य कराया भी गया, वह भी बाढ़ में कई स्थानों पर कट गया। पुलिया भी धंस गई, जिसकी मिट्टी डालकर मरम्मत कराई जा रही है।
भगा मोहम्मदगंज के पास कटे पुल का संपर्क और मार्ग जस का तस
नेशनल हाईवे से माधोपुर चौराहे से पीलीभीत जाने वाले मार्ग पर भगा मोहम्मद गंज के पास पुल का संपर्क मार्ग और अन्य स्थान पर मार्ग भी कट गया था। दो माह बीतने के बाद भी मार्ग की हालत जस की तस है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। करीब 15 गांव के लोगों को लंबा समय तय करना पड़ रहा है। कुछ बाइक सवार कटे मार्ग से जोखिम उठाकर ही गुजर रहे हैं, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी लोक निर्माण विभाग की ओर से कोई कार्य शुरू नहीं कराया जा सका है।
माधोटांडा पीलीभीत मार्ग की हालत लंबे समय से जर्जर है। हर कदम पर गड्ढे हैं। पूर्व में मार्ग का कार्य शुरू कराया गया था, जो अब लंबे समय से बंद है। - मो आरिफ, माधोटांडा
जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग से उत्तराखंड और नेपाल की सीमा तक के लोग आवाजाही करते हैं। बावजूद इसके मार्ग की स्थिति में सुधार नहीं किया जा रहा है। - अरुण भंडार, नौजल्हा
माधोटांडा मार्ग पर बाढ़ में कटे मार्ग पर असुविधाओं के बीच गुजरते राहगीर। संवाद
माधोटांडा मार्ग पर बाढ़ में कटे मार्ग पर असुविधाओं के बीच गुजरते राहगीर। संवाद
माधोटांडा मार्ग पर बाढ़ में कटे मार्ग पर असुविधाओं के बीच गुजरते राहगीर। संवाद