पीलीभीत। बेहतर शिक्षा मुहैया कराने के दावों के बीच गभिया सहराई गांव में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षकों की कमी विद्यार्थियों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। यहां 600 विद्यार्थियों पर सिर्फ चार शिक्षक तैनात हैं। अभिभावकों द्वारा अपने खर्चे पर कुछ शिक्षक नियुक्त कराए गए हैं, जिनके सहारे जैसे-तैसे पढ़ाई हो रही है। अभिभावकों का कहना है कि अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक परेशानी को रखा गया, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला।
कलीनगर तहसील क्षेत्र के नेपाल सीमा से सटे गभिया सहराई गांव में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने वर्ष 1989 में राजकीय हाईस्कूल को मंजूरी दी थी। इसके बाद मुलायम सिंह यादव की सरकार में विद्यालय को राजकीय इंटर कॉलेज का दर्जा दे दिया गया। करीब 10 से अधिक गांवों में एकमात्र इंटर कॉलेज होने की वजह से लोगों ने विद्यालय को हाथोंहाथ लिया।
शुरुआत में यहां शिक्षण कार्य काफी बेहतर रहा, लेकिन बाद में स्टाॅफ की कमी से स्थिति बिगड़ती चली गई। बच्चों की परेशानी को देखते हुए अभिभावकों की ओर से अफसरों के समक्ष समस्या रखी गई। सफलता न मिलने पर अभिभावकों ने अपने खर्च पर निजी शिक्षक रखने का निर्णय लिया। सात शिक्षकों को कॉलेज में रखा गया।
प्रधानाचार्य संजय कुमार का कहना है कि वर्तमान में यहां करीब 600 विद्यार्थी हैं। जिनको पढ़ाने वाले सिर्फ चार स्थायी शिक्षक हैं। अगर निजी शिक्षक न हों तो काफी समस्या आ जाए।
यह होना चाहिए स्टाफ
प्रधानाचार्य, नौ प्रवक्ता, 12 सहायक अध्यापक, एक वरिष्ठ सहायक, एक कनिष्ठ लिपिक और छह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी। तैनात हैं प्रधानाध्यापक और तीन शिक्षक।
1500 से 600 सौ पर पहुंची बच्चों की संख्या
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पूर्व के वर्षों में यहां बच्चों की संख्या 1500 सौ तक होती थी, धीरे-धीरे स्थिति बिगड़ने लगी। वर्तमान में बच्चों की संख्या घटकर 600 पहुंच गई है।
बोले प्रधान : सुनवाई नहीं
क्षेत्र के एकमात्र इंटर कॉलेज में शिक्षकों की लंबे समय से कमीं है। जिसको दूर करने के लिए सांसद, मंत्री से लेकर अफसरों तक को ज्ञापन दिए गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब फिर अफसरों से मिलकर समस्या रखेंगे।
- अजय वैद्य, प्रधान, गभिया सहराई
कॉलेज में कई गांवों के बच्चे पढ़ते हैं। पहले पढ़ाई का कार्य बेहतर होता था, वर्तमान में शिक्षकों की कमी के कारण स्थिति खराब हो रही है। इसको लेकर डीएम से मिलकर समस्या रखकर निस्तारण की मांग करेंगे। बच्चों की संख्या भी घट रही है।
- अर्जुम मंडल, प्रधान महाराजपुर
जिले भर के राजकीय कॉलेज में शिक्षकों की कमी है। उसमें गभिया सहराई इंटर कॉलेज भी शामिल है। व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रधानाचार्य को अपने स्तर से जनमानस का सहयोग लेना होगा। इसको लेकर वह निर्देश भी जारी करेंगे।
-डा. अचल कुमार, डीआईओएस
राजकीय इंटर कॉलेज गभिया सहराई का गेट।संवाद
राजकीय इंटर कॉलेज गभिया सहराई का गेट।संवाद