खटीमा में पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार की दोपहर गांव में पहुंचा था शव
भरतपुर बंगाली कॉलोनी के परतोष की बुधवार को बाघ के हमले में हुई थी मौत
अमरिया (पीलीभीत)। न्यूरिया क्षेत्र के गांव भरतपुर बंगाली कॉलोनी निवासी युवक परतोष हरधर का दूसरे दिन बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया। गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के महोफ और उत्तराखंड की सुरई रेंज के जंगल से सटे इलाके में न्यूरिया का गांव भरतपुर बंगाली कॉलोनी बसा हुआ है। ग्राम प्रधान मनोज ने बताया कि गांव के करीब सात लोग रोजाना सुरई रेंज में मजदूरी कार्य पर जाते हैं। वन विभाग द्वारा साफ सफाई व अन्य कार्य कराए जाते हैं। कार्य के बदलने ग्रामीणों को लकड़ी लाने की छूट दी जाती है। बुधवार को सुबह दस बजे परतोष भी अपने सात अन्य साथियों के साथ जंगल में काम करने गया था। करीब तीन बजे जंगल क्षेत्र में कार्य करते समय अचानक पीछे से आए बाघ ने हमला कर दिया। मौके पर एक अन्य बाघ और दो शावकों की मौजूदगी देख साथी भागकर पास की चौकी पर पहुंचे। सूचना के बाद वनकर्मियों ने मौके पर हवाई फायरिंग की। इसके बाद बाघ वहां से हटे। हमले में परतोष की मौके पर ही मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को खटीमा में पोस्टमार्टम के बाद शव घर लाया गया। जहां गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया। प्रधान मनोज ने बताया कि खटीमा वन प्रभाग के अफसरों ने परिजनों की बातचीत हुई है। मुआवजा देने का आश्वासन भी दिया गया है।
गांव के लोगों में दहशत, बंद किया गया मजदूरी कार्य
बाघ के हमले में परतोष की मौत के बाद गांव के लोगों में दहशत है। मजदूरी कार्य के लिए जंगल जाना बंद कर दिया गया है। लोगों का कहना है कि जंगल में जिस तरह से परतोष पर हमला किया, उसे देखकर बाघ के उग्र होने की बात सामने आ रही है।