पीलीभीत। जिला संयुक्त बार एसोसिएशन की एल्डर कमेटी के चेयरमैन पद से मुक्त किए जाने पर वरिष्ठ अधिवक्ता गुरुसरन वर्मा ने बार काउंसिल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने बार काउंसिल पर गंभीर आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रदेश बार काउंसिल सहित सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किया है।
जिला संयुक्त बार एसोसिएशन के चुनाव की प्रक्रिया के दौरान 17 मार्च 2023 को उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने बार एसोसिएशन की शिकायत पर वरिष्ठ सदस्य पूर्व शासकीय अधिवक्ता गुरुसरन वर्मा को एल्डर कमेटी के चेयरमैन पद से पद मुक्त कर दिया था। उनकी जगह प्रभाकर सिंह को चेयरमैन बना दिया गया था। पांच अप्रैल 2023 को नई कार्य समिति का चुनाव हो गया। 19 मई, 2023 को निर्वाचित अध्यक्ष धीरेंद्र मिश्रा और उनकी कमेटी ने प्रदेश बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ला, बार काउंसिल के सचिव राकेश पाठक, जिला जज सुधीर कुमार की मौजूदगी में शपथ भी ग्रहण कर ली। गुरुसरन वर्मा ने उच्च न्यायालय प्रयागराज में दायर याचिका में उत्तर प्रदेश बोर्ड काउंसिल, राज्य सरकार, एल्डर कमेटी के चेयरमैन प्रभाकर सिंह और संयुक्त बार के अध्यक्ष धीरेंद्र मिश्रा एडवोकेट को पक्षकार बनाया है।
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बार काउंसिल के खिलाफ यह पहली याचिका
वकालत का लाइसेंस जारी करने वाली उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी संस्था प्रदेश बार काउंसिल के खिलाफ जनपद के एक अधिवक्ता की ओर से पहली बार याचिका दायर कर उसे कटघरे में खड़ा किया गया है। याचिका दायर होने के मामले में जनपद के अधिवक्ता गुरुसरन की हिम्मत की हर कोई दाद दे रहा है।