पीलीभीत। दिमागी बुखार से बच्चे की मौत का मामला सामने आने पर अफसर गंभीर हुए हैं। मलेरिया विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर कैंप लगाकर 81 ग्रामीणों की जांच की। हालांकि किसी में मलेरिया या डेंगू के लक्षण नहीं मिले हैं।
बरखेड़ा क्षेत्र के गांव मचवाखेड़ा निवासी सुखलाल के सात वर्षीय पुत्र सुरजीत कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। परिजन गांव में ही इलाज करा रहे थे। शुक्रवार को बच्चे की हालत बिगड़ने पर परिजन देर रात उसको लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने स्थिति देखने के बाद उपचार शुरू किया। इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। गमगीन माहौल में शव को घर ले जाया गया। इधर, जानकारी होने से सीएमओ ने गंभीरता बरतने के निर्देश दिए।
शनिवार को मलेरिया निरीक्षक राजकुमार गंगवार के नेतृत्व में विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाया। करीब 81 लोगों की मलेरिया और पांच लोगों को बुखार की शिकायत पर डेंगू की जांच की गई। जांच में किसी में भी मलेरिया और डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ गांव में छिड़काव भी कराया गया। सुपरवाइजर रतनपाल, श्रीकेशन और राजेश भी मौजूद रहे। सीएमएस डॉ. बीएस यादव ने बताया कि शुक्रवार रात नाजुक हालत में बच्चे को भर्ती किया गया था। दिमागी बुखार के लक्षण थे। बुखार कई दिनों से आ रहा था, गांव में ही उपचार कराने की परिजनों से बात भी बताई।