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पुलिस की कार्यप्रणाली को नजदीक से देख खुश दिखाई दी छात्राएं

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थाना सुनगढ़ी में छात्राओं को जानकारी देते सीओ सर टी सुनीलदत्त। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। वीरांगना अवंतीबाई जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने शुक्रवार को सुनगढ़ी थाने का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस का कामकाज नजदीकी से समझा। एफआईआर दर्ज होने से लेकर विवेचना की जानकारी पुलिस से ली। सीओ सिटी सुनील दत्त ने छात्राओं के द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को कॉलेज की 30 छात्राएं शिक्षिका साधना गुप्ता और संगीता दास पटेल के साथ थाने पहुंचीं। उन्हेें सीओ सिटी सुनील दत्त ने बताया कि पुलिस की कार्यप्रणाली में काफी बदलाव हुआ है। किसी भी तरह की घटना होने पर तत्काल पुलिस का सहयोग लें। एफआईआर होने के बाद गवाही के आधार पर आरोपी को सजा होती है। मिशन शक्ति के तहत महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस हमेशा तैयार रहती है। फोन करने के 15 मिनट बाद पुलिस आप के पास होगी। छात्राओं ने महिला हेल्पडेस्क, पुरुष और महिला बंदी गृह, एफआईआर दर्ज करने का तरीके, पुलिस आवासीय कॉलोनी, प्रभारी निरीक्षक कक्ष का भ्रमण किया। सभी बच्चों को जलपान भी कराया। इंस्पेक्टर बलवीर सिंह, एसआई पिंकी यादव, हेड कांस्टेबल सुमन पांडेय ने भी छात्राओं को जानकारी दी।
पुलिस अंकल ने ये दिए टिप्स
- मोबाइल का इस्तेमाल सावधानी से करें, ठगी का शिकार न हों।
- किसी प्रकार की दिक्कत होने पर पुलिस से मदद लें। आपकी सहायता की जाएगी।
- अपने आसपास कुछ असामान्य घटित होने पर पुलिस को जानकारी दें।
- छात्राएं अपनी शिकायत 1090 या 112 में दर्ज करा सकती हैं।
- किसी भी घटना को छिपाएं नहीं, अगर पुलिस को नहीं बताए, तो परिवार वालों को जरूर बताएं
छात्राओं ने किए सवाल, अफसरों ने दिए जवाब
1. सवाल: शिकायतकर्ता महिला का नाम गोपनीय क्यों रखा जाएगा।
जवाब: महिला वादी को पुलिस खुद फ्रंट पर नहीं लाना चाहती, अगर महिला खुद सामने आकर मुकाबला करना चाहती है, तो अच्छी बात है।
2. सवाल: एक्सीडेंट होने के दौरान लोग पुलिस को सूचना देने से क्यों डरते हैं।
जवाब: अभी लोगों में जागरूकता की कमी है। उन्हें लगाता है कि पुलिस को सूचना देने पर उन्हें गवाही देनी होगी। जबकि कोई जरूरी नहीं कि सूचना देने वाले को गवाही के लिए बाध्य किया जाए। एक्सीडेंट में घायल को इलाज बहुत जरूरी है। इसलिए पुलिस को नहीं, तो अस्पताल उसे जरूरत पहुंचाएं।
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3. सवाल: अगर किसी की कॉल आती है और वह परेशान करता है, तो क्या करना चाहिए।
जवाब: पुलिस से अच्छा तो कोई नहीं होता, तुरंत पुलिस से मामले की शिकायत करें। अगर फिर भी पुलिस से शिकायत नहीं कर सकतीं, तो परिवार में मां को जरुर बताएं।
4. सवाल: अगर कोई अपना रिश्तेदार ही किडनैप करता है, तो क्या करें?
जवाब: पहले तो विश्वास करना चाहिए कि वह कोई गलत नहीं करेंगा। इसके बाद पुलिस को इसकी जानकारी जरुर दें। अगर कोई आशंका है, तो महिला हेल्पडेस्क पर जानकारी दी जा सकती है।
5. सवाल: कॉलेज में फोन लाने की अनुमति नहीं है। अगर कोई रास्ता में घटना होती है, तो क्या करना चाहिए।
जवाब: जगह-जगह पुलिस गश्ती करती है। आसानी से मदद ली जा सकती है, अगर पुलिस मौके पर नहीं है, तो डटकर मुकाबला करें और शोर मचाएं। डरने की जरूरत नहीं है।
6. सवाल: अगर परिवार वाले डर के कारण स्कूल जाना बंद कराते है, तो क्या समाधान हैं।
जवाब: खुद को जागरूक कर हिम्मत बढ़ाए और परिवार को विश्वास दिलाए कि कोई भी समस्या आने पर वह लड़ सकती हैं। आत्मविश्वास देखकर परिवार वाले जरुरत स्कूल भेजने का निर्णय लेंगे।
7. सवाल: मां से शिकायत करने पर वह घटना भूलने और रास्ता बदले की बात कहतीं हैं, तो क्या करना चाहिए।
जवाब: पहली दोस्त मां होती है। इसीलिए मां को समझाना चाहिए। हिम्मत और जज्बा के साथ मुकाबला करने की बात कहते हुए हर परिस्थिति में लड़ सकतीं हूं। इसके बाद भी कोई समस्या आती है, तो पुलिस से मामले की शिकायत करनी चाहिए।
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9. सवाल: जिले में कितने महिला थाने है और कहां-कहां हैं।
जवाब: जिले में एक ही महिला थाना है, मगर सभी थानों में महिला पुलिस कर्मी तैनात है। थानों में महिला हेल्पडेस्क भी हैं।
10. सवाल: पुलिस की वर्दी खाकी क्यो होती है।
जवाब: खाकी रंग मिट़्टी के समान होता है। दूर से दिखाई नहीं देता। इससे अपराधियों को पकड़ने में आसानी होती है।
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