बीसलपुर। दियोरिया कोतवाली के एक गांव की युवती एक सप्ताह पहले अपने प्रेमी के साथ कहीं चली गई थी। पिता ने सात आरोपियों पर पुत्री के अपहरण का केस दर्ज कराया। शुक्रवार को युवती अचानक से कोतवाली पहुंच गई और खुद के अपहरण से इन्कार किया। कहा कि वह अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ गई थी। फिलहाल पुलिस ने युवती को मेडिकल के लिए भेजा है।
एक गांव निवासी 20 वर्षीय युवती दो फरवरी को अपने प्रेमी के साथ चली गई थी। पता चला तो युवती के पिता ने अगले दिन अनिल, प्रेमपाल, अवधेश, नंद किशोर, रजनीश, अवनीश और मनोज पर अपहरण की रिपाेर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश में जुट गई। युवती ने शुक्रवार कि सुबह कोतवाली पहुंची और पुलिस को बताया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था। वह अपने प्रेमी संग अपनी मर्जी से गई थी। वह पूरी तरह से बालिग है। अपने भविष्य के बारे में निर्णय लेने का उसे पूरा अधिकार है।
उसने पीलीभीत के रामजानकी मंदिर में विवाह कर लिया है। उसने अपने विवाह का पंजीकरण बीसलपुर के उपनिबंधक कार्यालय में भी करा लिया है। उसने विवाह प्रमाणपत्र की फोटो कापी और मंदिर में किए गए विवाह के फोटो, वीडियो पुलिस को दे दी है।
इसी बीच जानकारी होने पर युवती के पिता, भाई और मां कोतवाली में आ गए थे। उन लोगों ने युवती से बात करने का प्रयास किया, लेकिन युवती ने उनसे बात नहीं की। कोतवाल उमेश सोलंकी ने बताया कि युवती को मेडिकल परीक्षण के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है। युवती को शनिवार को न्यायालय में बयान दर्ज कराने के लिए पेश किया जाएगा। कोर्ट के आदेशानुसार इस मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।