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Pilibhit News: हिस्ट्रीशीटर की तबीयत बिगड़ने पर नहीं दी परिजनों को सूचना

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हिरासत में मौत : सवालों के घेरे में पुलिस, न वारंट दिखाया और न थाने में मिलने दिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। हिरासत में वशी की मौत के मामले में बरखेड़ा पुलिस बुरी तरह से फंसती नजर आ रही है, लेकिन उसे बचाने का ताना-बाना बुना जा रहा है। पिटाई से नहीं तबीयत खराब होने से मौत की बात कही जा रही है, लेकिन परिवार वालों के इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है कि रात में जब वशी की तबियत खराब हुई तब सूचना क्यों नहीं दी गई। जिस वारंट की बात पुलिस कर रही है वह परिवार वालाें को नहीं दिखाया गया।
वशी को बरखेड़ा पुलिस ने बिलसंडा जाकर उसके गांव पहाड़गंज से बृहस्पतिवार की शाम करीब साढ़े सात बजे गिरफ्तार किया था। उसकी पत्नी शबाना उर्फ मीत बेगम करीब साढ़े आठ बजे थाने पहुंची लेकिन उसे वशी से नहीं मिलने दिया गया। सवा नौ बजे वह घर चली आई।
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बकौल बीसलपुर सीओ सतीश चंद्र साढ़े दस बजे के आस पास वशी की तबीयत खराब हुई। उसने थाने में ही उल्टियां करना शुरू कर दीं। पुलिस कर्मी उसे पास में स्थित बरखेड़ा सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां लगभग दो घंटे तक उसका उपचार किया जाता रहा। हालात में सुधार न होता देख उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
रात करीब ढाई बजे के आसपास उसे जिला अस्पताल लेकर आया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बावजूद इसके ढाई बजे वशी की मौत हो जाने के बाद भी उसके परिजन को मामले की जानकारी नहीं दी गई।
सुबह लगभग सात-आठ बजे के बीच बिलसंडा क्षेत्र की चौकी के सिपाहियों ने घर पहुंचकर मामले की जानकारी दी। जिसके बाद सभी लोग जिला अस्पताल पहुंचे। यहां वशी का मृत शरीर भी परिजनों को नहीं देखने दिया गया। पोस्टमार्टम हाउस पर परिजन चीख-चीख कर पूछ रहे थे कि जब रात में तबीयत खराब हुई तो उन्हें क्यों नहीं बताया गया।
वशी को पुलिस किस मामले में पकड़कर लाई परिजन को यह बात भी साफ तौर पर नहीं पता। महज वारंट होने की बात कहकर घर से उठा लिया। वशी की दो पत्नियां होने की भी बात सामने आ रही है। चर्चा यह भी है कि एक पत्नी ने बरखेड़ा पुलिस से शिकायत की थी जिसके बाद पुलिस वशी को पकड़ने पहुंची।



हार्ट अटैक से हुई मौत, शरीर पर चोट के भी निशान नहीं
पुलिस की माने तो वशी की मौत रात करीब ढाई बजे हो गई। रात में ही उसके शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया था। दोपहर करीब दो बजे उसके शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। इसके बाद भी पूरे दिन पोस्टमार्टम नहीं हो सका। पूरा दिन गुजर जाने के बाद अंधेरा होने पर शाम करीब साढ़े छह बजे डाॅक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार वशी की मौत हार्ट अटैक से हुई। उसके शरीर पर भी चोट के कोई निशान नहीं हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का पता चलने पर परिवार वाले भौचक्के रह गए। इधर कुछ सपा नेता भी मोर्चरी व पोस्टमार्टम हाउस पर शाम तक डटे रहे।



पकड़े जाने का परिवार ने किया विरोध, हुई पुलिस से मारपीट
पहाड़गंज गांव में जब बरखेड़ा पुलिस वशी को पकड़ने गई तो उसके परिवार ने जबरदस्त विरोध किया। बताते हैं कि पुलिस से मारपीट हुई। इसके बाद बिलसंडा, करेली, बीसलपुर व आसपास की चौकियों से पुलिस फोर्स को बुलवाया गया। इसके बाद गाड़ी में डालकर वशी को ले जाया गया। बेटी व पत्नी को पीटा गया। परिवार वालों को आरोप है कि वशी को गांव में ही पुलिस ने चौराहे पर पीटा। इसके बाद कैचुआ नहर की पटरी पर भी पीटा गया। इसके बाद थाने ले जाकर वहां पिटाई की गई।
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पुलिस के रिकार्ड में हिस्ट्रीशीटर था वशी
वशी उर्फ पहलवान पुलिस के रिकाॅर्ड में हिस्ट्रीशीटर है। उस पर हत्या के तीन मुकदमे दर्ज है। वशी पर गजरौला थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज है। इसके बाद इसी थाने आर्म्स एक्ट के तहत दूसरा मुकदमा लिखा गया। इसके अलावा लूट, हत्या का प्रयास, गुंडा एक्ट, मारपीट आदि के मुकदमे दर्ज हैं। बिलसंडा में एक, जहानाबाद में एक, बरेली के शेरगढ़ थाने में तीन, शाहजहांपुर के तिलहर थाने में तीन और पूरनपुर कोतवाली में तीन मुकदमे दर्ज हैं। इस पर गैंगस्टर भी लग चुका है।
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