सावन के दौरान भले ही शासन स्तर से बेहतर बिजली सप्लाई के दावे हो रहे हैं लेकिन विभागीय अफसरों के बयान को देखते हुए हकीकत इससे अलग है। बरसात में शहर वासियों को बिजली संकट से जूझना पड़ेगा। इसको लेकर फाल्ट की बात कहकर विद्युत विभाग के अधिकारियों ने कर्तव्यों से इतिश्री कर ली है। नतीजतन शुक्रवार को दिन भर लोग अघोषित कटौती की मार झेलते रहे और अफसर जल्द व्यवस्था ठीक होने के दावे कर साख बचाने में जुटे रहे। बृहस्पतिवार को दिन भर हुई बारिश से शहर की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई। शुक्रवार सुबह भी लोगों के दिन की शुरुआत बिजली संकट से हुई। बरसात होते ही बिजली काट दी गई। मोहल्ला आसफजान, साहूकारा, डोरीलाल, अशोक कॉलोनी, निरंजनकुंज, बाग गुलशेर खां, नई बस्ती, सुनगढ़ी समेत कई इलाकों की सप्लाई बंद रही। इनवर्टर कुछ देर चलने के बाद डिस्चार्ज हो गए। बिजली का सीधा असर पानी की सप्लाई पर भी दिखा। अधिकांश घरों में पानी की मोटर लगी है। बिजली न आने पर वह शोपीस बनकर रह गई। लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ा। दिन भर बिजली आती-जाती रही। उधर देहात क्षेत्र में भी दिन भर लोग बिजली को तरसते दिखाई दिए। मझोला कस्बे में 12 घंटे बिजली गायब रही। अधिकारी बरसात के मौसम में फाल्ट का कारण बता जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते रहे।