ग्राम खजुलिया पचपेड़ा में पानी निकलने के बाद फैंली पड़ी कीचड़।संवाद
पीलीभीत। जिले में लगातार तीन दिन रुक-रुककर हुई बारिश से समस्त क्षेत्रों में पानी भर गया। जिससे हर ओर अव्यवस्था फैल गई। विभिन्न गोआश्रय स्थलों में भी बारिश का पानी भर गया। यहां अब पानी निकल जाने के बाद कीचड़ के कारण स्थिति खराब है। साथ ही हरे चारे का भी संकट है। ऐसे में गोवंश सूखे चारे पर निर्भर हैं। इसके विपरीत अधिकारियों का दावा है कि जब जगह व्यवस्था दुरुस्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि गोआश्रय स्थलों में चारों तरफ कीचड़ भरी है। बरसात के कारण गंदगी बजबजा रही है। इससे पशुओं में संक्रमित बीमारियां फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है। वहीं कई स्थानों पर टिनशेड नहीं होने से गोवंश को खुले आसमान के नीचे रहना पड़ रहा है। यह स्थिति तब है जब गोआश्रय स्थलों को लेकर मुख्यमंत्री स्वयं गंभीर हैं। इसके विपरीत अधिकारियों का कहना है कि सभी जगह स्थिति ठीक है। गोवंश को दिक्कत नहीं होने दी जा रही है।
सभी 57 गोआश्रय स्थलों में जलभराव न होने का दावा
पीलीभीत। जिले में कुल 57 गोआश्रय स्थल संचालित हो रहे हैं। इसमें बारिश का पानी गांव राजपुर कुंडा, कितनापुर, अखोला, बिहारीपुर, खाईखेड़ा, ढकियानाथ, अमरगंज के गोआश्रय स्थल में आ गया था। यहां के पशुओं को रेस्क्यू कराकर अन्य स्थानों पर भेजा गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया सभी गोआश्रय स्थलों पर चारे की पर्याप्त व्यवस्था है। कहीं पर अब जलभराव की स्थिति नहीं हैं।
बारिश को देखते हुए गोआश्रय स्थलों में पशुओं को लेकर नोडल अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे निरीक्षण कराते रहें। कहीं भी पशुओं को चारे की किल्लत न हो। पशु चिकित्सकों को भी निर्देश दिए गए हैं। अब किसी भी गोआश्रय स्थल में पानी नहीं भरा है।
- संजय कुमार सिंह, डीएम