शारदा नदी किनारे लगाया गया बंबूक्रिट । संवाद
पूरनपुर। शारदा नदी रुख बदलकर फिलहाल गांव चंदिया हजारा से दूर चली गई है, लेकिन जलस्तर बढ़ने पर नदी कहीं फिर से गांव की ओर न बढ़ने लगे, इसे लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। इधर, मंगलवार को बाढ़ खंड की ओर से नालों के किनारे बंबूक्रेट लगाने का काम फिर शुरू कर दिया गया, ताकि गांव की ओर आने पर नदी कटान न कर सके।
करीब चार साल पहले रुख बदलकर शारदा नदी गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर के समीप आ गई थी, तब से नदी हर साल बारिश के दौरान तबाही मचा रही है। तबाही और कटान न रुकने पर गांव के लोगों को कई बार धरना प्रदर्शन करना पड़ा। राहत न मिलने पर बेमियादी भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी। बुधवार को नदी ने अपना रुख बदल लिया और गांव चंदिया हजारा से करीब एक किलोमीटर दूर चली गई। हालांकि गांव चंदिया हजारा के समीप हल्की धारा बह रही है, लेकिन इसमें नाममात्र का ही पानी है।
नदी के गांव से दूर जाने और तबाही थमने पर सोमवार को गांव चंदिया हजारा के लोगों ने नदी तट पर एकत्र होकर पूजा अर्चना की। मंगलवार को बाढ़ खंड की ओर से गांव की ओर आने वाले नालों के किनारे बंबूक्रेट लगाने का काम शुरू किया गया। नदी कहीं फिर रुख बदलकर गांव की ओर न आ जाए, इसे लेकर गांव वाले चिंतित है। लोगों का मानना है कि अभी बरसात और बाढ़ का समय बीता नहीं है।
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2063 पीड़ितों को राशन सामग्री देने के लिए एसडीएम ने लिखा पत्र
पूरनपुर। शारदा नदी की बाढ़ के बाद हुए सत्यापन में गांव के कई लोगों का राशन आदि सामान खराब होना पाया गया। 45 परिवारों को आंशिक नुकसान हुआ है। एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला ने एडीएम को पत्र भेजकर गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर और कॉलोनी नंबर छह के 2063 लोगों को राशन सामग्री बंटवाने की संस्तुति की है।