काम बोलता तो गठबंधन न होता: अमित शाह
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने यहां भाजपा प्रत्याशियों की चुनावी सभा को संबोधित करते कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बदहाल है और अखिलेश कहते हैं काम बोलता है। यदि काम बोलता तो गठबंधन की जरूरत न होती। यह गठबंधन सपा-कांग्रेस में नहीं दो परिवारों में हुआ है। शहर के ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित जनसभा उन्होंने कहा कि बुआ-भतीजे की सरकारों ने पिछले 15 साल में यूपी बर्बाद कर दिया। सपा सरकार पर प्रहार करते हुए लोगों से पूछा क्या उन्हें 24 घंटे बिजली मिल रही है? धान का पूरा दाम मिला? व्यापारी सुरक्षित हैं? महिलाएं सुरक्षित हैं? जवाब में भीड़ ने उन्हें न में जवाब दिया। फिर उन्होंने कहा कि हत्या, बलात्कार और महिला उत्पीड़न में प्रदेश को देश में नंबर एक पर पहुंचा दिया है। यह गठबंधन दो ऐसे शहजादों का है, जिससे एक से मां और दूसरे से पिता परेशान है। इन दोनों से यूपी परेशान है। शाह ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि ढाई साल की भाजपा सरकार से हिसाब मांग रहे हैं, पिछले 60 साल से उनके परनाना, उसके बाद नानी, फिर पिता और उनकी मां के राज में क्या हुआ नहीं बता रहे। आकाश से ऊपर अनंत में टूजी घोटाला, आकाश में वायुयान खरीद घोटाला, भूमि पर जमीन और आदर्श सोसाइटी घोटाला, समुद्र में पनडुब्बी घोटाला और पाताल में कोयला घोटाला जबकि मोदी सरकार ने गरीबों के बैंक खाते खुलवाए, फ्री गैस कनेक्शन दिए। अंत में उन्होंने शहर विधान सभा से संजय गंगवार, बीसलपुर से रामसरन, पूरनपुर से बाबूराम पासवान और बरखेड़ा से किशनलाल राजपूत को जिताकर यूपी में भाजपा कर सरकार बनाने में अपना सहयोग करने का आहवान किया। इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, प्रत्याशी रामसरन वर्मा, संजय गंगवार, बाबूराम पासवान और किशनलाल राजपूत ने भी अपने विचार रखे। संचालन जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार ने किया। मंच पर दिल्ली के सांसद रमेश विधूड़ी, जिला प्रभारी रामगोपाल मिश्रा, बरेली के पूर्व मेयर सुभाष पटेल आदि मौजूद रहे।