नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कानून व्यवस्था में सुधार को लेकर सख्ती बरतने को कहे जाते ही आला अफसरों ने मातहतों पर नकेल कसना शुरू कर दिया। इसमें राजनीतिक दबाव और दलालों से हटकर पीड़ित की समस्या का जमीनी स्तर पर समाधान करने के निर्देश दिए है। एक दिन पूर्व डीजीपी जावीद अहमद और प्रमुख सचिव की वीडियो कांफ्रेंस के जरिए मिले निर्देशों को मातहतों तक पहुंचाने के लिए एसपी देव रंजन वर्मा ने मंगलवार को वायरलेस पर जिले के समस्त सर्किल एवं थाना प्रभारियों की पाठशाला लगाई। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि थानों पर दलालों का प्रवेश पूरी तरह से बंद रहे। कहीं से भी दलालों को लेकर शिकायत मिली तो थाना प्रभारी पर कार्रवाई की जाएगी। कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए छेड़छाड़, गोकशी और सोशल मीडिया को लेकर होने वाले अपराधों की रोकथाम के निर्देश दिए। कहा कि इन मामलों में तत्काल कार्रवाई कर दोषी को गिरफ्तार करें। किसी भी सूरत में कस्टडी मौत न हो। इसको लेकर हवालात में सुधार और इसका निरीक्षण नियमित हो। ताकि पुलिस की छवि पर दाग न लगे। गुंडा प्रवृत्ति के लोगों पर शिकंजा कसा जाए। मानवाधिकार से जुड़े मामलों में कार्रवाई में टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा यातायात व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए। समस्त सर्किल अफसरों को थाना प्रभारियों के कार्य की मानीटरिंग कर इसकी रिपोर्ट लगातार उन्हें देने के निर्देश दिए गए है। एसपी देवरंजन वर्मा ने बताया कि बताए गए बिंदुओं की अनदेखी करने पर संबंधित पुलिस कर्मी पर कार्रवाई की जाएगी।