पूरनपुर। बैंक शाखा के बीसी संचालकों ने ग्राहकों की ओर से जमा की गई धनराशि उनके खातों में जमा न कर हड़प ली। ग्राहकों की पासबुकों में हाथ से इंट्री कर दी गई। पखवाड़ा भर पहले बीसी संचालक केंद्र बंद कर खिसक गए। बैंक शाखा पहुंचने पर जमा किए गए रुपये उनके खातों में न पहुंचने पर पीड़ितों को धोखाधड़ी का अहसास हुआ। कई ग्राहकों ने कोतवाली पहुंचकर बीसी संचालकों के खिलाफ तहरीर दी है।
गांव पिपरिया दुलई निवासी कमला देवी, छत्रपाल, पूनम, शिवानी, राजवीर, गीता, राधेश्याम ने सोमवार को कोतवाली पहुंचकर गांव निवासी एक बैंक के बीसी संचालकों के खिलाफ तहरीर दी। ग्राहकों ने बताया कि गांव में दो लोग संयुक्त रूप से एक बैंक शाखा के बीसी सेंटर का संचालन करते हैं।
वे लोग बीसी सेंटर पर अपने खातों से लेनदेन करते थे। कमला देवी ने बताया कि उसने हाल में 85 हजार रुपये, छत्रपाल ने 47 हजार रुपये, पूनम ने 24,112 रुपये, शिवानी ने सात हजार रुपये, राजवीर ने 17,119 रुपये, गीता ने 25,654 रुपये और राधेश्याम ने 25 हजार रुपये खाते में जमा करने के लिए दिए थे।
बीसी सेंटर संचालकों ने रुपये खाते में जमा करने की जानकारी देकर अपने हाथ से पासबुक में इंट्री कर दी। आरोप है कि पखवाड़ा भर पहले बीसी संचालक अपना केंद्र बंद कर कहीं चले गए। पासबुक लेकर बैंक शाखा पहुंचने पर जमा की गई धनराशि उनके खातों में जमा न होने की जानकारी दी गई।
बैंक शाखा के मैनेजर ने उनको बताया कि बीसी सेंटर को दो महीने पहले ही बंद कर दिया गया था। ग्राहकों का आरोप है कि बीसी सेंटर बंद करने की कोई सूचना ग्राहकों को नहीं दी गई। कोतवाली पहुंचकर ग्राहकों ने बैंक शाखा प्रबंधक की सांठगांठ से बीसी संचालकों पर धोखाधड़ी कर रकम हड़पने का आरोप लगाया। इंसपेक्टर क्राइम गजेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की तहरीर मिली है। जांच शुरू कराई गई है। अधिकारियों के निर्देश के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।