बीसलपुर की रासलीला में सुदामा चरित्र लीला का किया गया मंचन।संवाद
बीसलपुर। रासलीला मेंं मंगलवार को श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता की लीला का मंचन हुआ। इस देखकर दर्शक भावुक हो उठे।
लीला में दर्शाया गया कि जब सुदामा की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई तो उनकी पत्नी उन्हें उनके बालसखा भगवान श्रीकृष्ण के पास जाने के लिए कहा। जाते समय भेंट में देने के लिए थोड़े चावल पोटली में बांधकर दे दिए। वहां पहुंचने पर श्रीकृष्ण के दरबारी सुदामा का फटा हाल देखकर मजाक बनाते हैं और मुलाकात नहीं कराते।
इससे मायूस होकर सुदामा घर लौटने लगते हैं। श्रीकृष्ण अपनी अंतर दृष्टि से सब कुछ देख लेते हैं और सुदामा को लाने के लिए पैदल ही दौड़ पड़ते हैं। गले मिलने के बाद वह सुदामा को महल में ले आते हैं। इसके बाद वहां की लीला का मंचन होता है। यहां काफी समय व्यतीत कर जब सुदामा गांव लौटते हैं तो वहां पक्का महल और शानौशौकत देख दंग रह जाते हैं। उनकी पत्नी बताती हैं कि ऐसा श्रीकृष्ण के आदेश पर हुआ है? इसके बाद ही लीला का विराम दे दिया जाता है। संवाद