शाहजहांपुर। नवम अपर सत्र न्यायाधीश चंद्र मोहन चतुर्वेदी ने पत्नी की गैर इरादतन हत्या के दोषी पति को दस साल के कारावास की सजा सुनाई। उसे पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा से भी दंडित किया।
निगाेही थाना क्षेत्र के गांव पराझरसा निवासी वादिनी संता ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उनका पुत्र रामबक्श शराब पीने का आदी है। तीन मई 2020 की रात आठ बजे वह शराब पीकर घर आया। खाना मांगने को लेकर बहू सुनीता को गालियां देने लगा। बहू ने विरोध किया तो उसे लाठी-डंडों से मारा-पीटा।
सुनीता को काफी चोटें आईं। चार मई को उसकी मौत हो गई। वादिनी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। विवेचक द्वारा अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर डंडा बरामद कर लिया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान व सरकारी वकील संतोष कुमार त्रिवेदी के विधिक तर्कों से सहमत होते हुए राम बक्श को दोषी पाते हुए दस साल की सजा सुनाई है। संवाद