पीलीभीत। कथा व्यास पंडित बृजेश पाठक ने कहा कि कुछ लोगों का स्वभाव होता है कि वह दुखी होने का दिखावा कर दूसरे मन की व्यथा तो सुन लेते हैं, लेकिन हंसकर समाज को बता भी देते हैं, इससे उन्हें कोई लाभ नहीं होता लेकिन दूसरे की मान प्रतिष्ठा जरूर चली जाती है। इसलिए जरूरी है कि अपने मन की व्यथा केवल श्री हरि को सुनाएं।
कथा के तीसरे दिन कथा व्यास ने कहा कि संत लोग, संसार को अपनी व्यथा और पीड़ा सुनाने के लिए मना करते हैं। वह कहते हैं कि अगर अपना पीड़ा सुनानी है तो सिर्फ भगवान को सुनाओ, क्योंकि वह हमारी पीड़ा सुनेंगे ही नहीं उसका निराकरण भी करेंगे। फिर दूसरे लोग तो कई बार सुनकर भी हमारी बात को अनसुना कर देंगे, एक हरि ही ऐसे हैं जो हमारी व्यथा हर समय सुनेंगे। रामायण में सुग्रीव, विभीषण आदि ने भी अपनी व्यथा भगवान को ही सुनाई और भगवान राम ने उनका पीड़ा न केवल सुनी बल्कि उसका निराकरण भी किया। श्री राधा रमन मंदिर में चल रही श्रीराम कथा में रोजाना ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।
बीसलपुर में हुआ खाटू श्याम का संकीर्तन
बीसलपुर। श्री सांवरिया परिवार सेवा समिति के तत्वावधान में अग्रवाल सभा भवन में शुक्रवार की रात खाटू श्याम का संकीर्तन हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या मेंं श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम में रुद्रपुर के अमन सांवरिया, दिल्ली की भावना सिंह, वृंदावन के हरिवंश अमन आदि ने खाटू श्याम का महत्व झलकाने वाले भजन सुनाए। संचालन शाहजहांपुर से आए विकास कुमार ने किया। कार्यक्रम कई घंटे चला। कार्यक्रम स्थल पर सजावट और प्रकाश का विशेष बंदोबस्त किया गया था। कार्यक्रम में नगर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। व्यवस्था में समिति के अध्यक्ष रोहित श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष भोला रस्तोगी, कोषाध्यक्ष अमित वर्मा, प्रबंधक अनुज मित्तल, मंत्री गुरुप्रताप देवल, रोहित रस्तोगी, रिंकू मौर्य, विनायक दीक्षित आदि का विशेष सहयोग रहा। प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। संवाद
मंदिर में सजाया गया बालाजी का संकीर्तन दरबार
बीसलपुर। तहसील रोड स्थित जानकी रतन मंदिर में शनिवार को देरशाम बालाजी का संकीर्तन दरबार सजाया गया।
कार्यक्रम में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बालाजी की पूजा-अर्चना की, प्रसाद चढ़ाया, तरह तरह की मनौतियां मानी और बालाजी की महिमा का बखान किया। कुछ श्रद्धालुओं ने इस मौके पर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। आरती और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हो गया। कार्यक्रम मंदिर के महंत लखनलाल मिश्रा के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम मे नगर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के भी कुछ श्रद्धालु पहुंचे। कार्यक्रम के सिलसिले मेंं मंदिर में सजावट और प्रकाश का विशेष बंदोबस्त किया गया था। संवाद
श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का बखान
बरखेड़ा। क्षेत्र के गांव भैंसाहा ग्वालपुर में भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक लवली शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला का वर्णन किया।
कथावाचक ने कहा कि जब ब्रजवासी भगवान इंद्र की पूजन की तैयारी कर रहे थे, तब भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के लिए कहा। जिससे नाराज होकर इंद्रदेव ने पूरे ब्रज क्षेत्र में भयंकर बारिश शुरू कर दी। इस पर श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर रख कर समस्त बृजवालियों को उसके नीचे छिपा लिया। जिससे समस्त बृज क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण व गोवर्धन महाराज के जयकारे गूंजने लगे। इस मौके पर गांव के अलावा आस-पास के लोग भी मौजूद रहे। संवाद
श्रीराम कथा मनुष्य और समाज का करती है कल्याण
बिलसंडा। नगर से सटे गांव घनश्यामपुर में चल रही कथा में भगवान राम के चरित्र का गुणगान किया गया। कथा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
कथा व्यास पंकज मिश्रा ने कथा में सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाया। कहा कि धार्मिक संस्कृति के अनुरूप भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ। हमेशा गुरु के आदेशों का पालन करना चाहिए। राम कथा के श्रवण मात्र से जीवन का उद्धार होता है। रामकथा मनुष्य और समाज का कल्याण करने वाली है। संवाद
बीसलपुर में आयोजित खाटू श्याम के संकीर्तन में भजन सुनाते अमन सावरिया।स्रोत:कमेटी