सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा ने सूरजपाल हत्याकांड में भागीरथ को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 1200 रुपए अर्थदंड सजा सुनाई है। ढकिया रंजीत गांव के जंगबहादुर ने कोतवाली बीसलपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार 23 अप्रैल 2013 को उसका पुत्र सूरजपाल दवा लेने गया था, जिसके बाद घर नहीं लौटा। 26 अप्रैल को दोस्त भागीरथ ने बताया कि उसे सूरजपाल नहीं मिला है। जबकि भागीरथ के चेहरे पर जगह-जगह नाखून की खरोंचों के निशान थे। परिजनों के मुकदमा दर्ज कराने पर विवेचना में पुलिस ने भागीरथ को हत्या में लिप्त पाया और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा ने भागीरथ को उम्रकैद व 1200 रुपए जुर्माने से दंडित किया है।