सड़क हादसे में बेटे की मौत के बाद से था परेशान
गांव सरौरी निवासी 50 वर्षीय चुन्नीलाल ने रस्सी का फंदा गले में डालकर अपने ही खेत में खड़े जामुन के पेड़ से लटक कर आत्महत्या कर ली। मृतक सड़क हादसे में बेटे की मौत से परेशान था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गांव सरौरी निवासी जय देवी ने बताया कि उनके तीन पुत्रों में से मझले पुत्र दरबारी लाल की मई 2015 में सड़क हादसे में अफसरा पुल के पास मौत हो गई थी, जबकि पति चुन्नीलाल घायल हो गए थे। पुत्र की मौत के बाद से पति काफी परेशान रहते थे। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पुत्र का बेहतर इलाज न करा पाने की टीस भी उनके मन में थी। रविवार की सुबह करीब 11 बजे पति चुन्नीलाल खेत पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। खेत पर स्थित जामुन के पेड़ में रस्सी का फंदा गले में डालकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने की जानकारी तब हुई जब गांव के कुछ लोग खेतों की तरफ गए और पति का शव पेड़ से लटकता देखा। सूचना पर परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी। घर के मुखिया की मौत से पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।