चीनी मिलों का पेराई सत्र समाप्त हुए एक माह होने जा रहा है, लेकिन किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। जिले की एक प्राइवेट और सहकारी मिलों पर 119 करोड़ रुपये बकाया हैं, जिनमें सर्वाधिक 82.36 करोड़ रुपये बरखेड़ा स्थित बजाज चीनी मिल पर है। जिले में चार चीनी मिलें हैं इसके अलावा कुछ गन्ना पड़ोसी जिलों में लगी मिलों को भी जाता है। जिले में स्थित चार मिलों की बात करें तो इन मिलो नें 811.64 करोड़ मूल्य के गन्ने की खरीद की, लेकिन भुगतान मात्र 692.83 करोड़ ही किया गया। इस प्रकार मिलों पर किसानों का अभी 118.81 करोड़ रुपये बकाया हैं। शहर स्थित एलएच शुगर मिल ही एक मात्र ऐसी चीनी मिल है जिससे खरीदे गए गन्ने का पूरा 422 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। भुगतान में बरखेड़ा स्थित बजाज चीनी मिल सबसे पीछे हैं। उसने किसानों से 279.93 करोड़ रुपये मूल्य का गन्ना खरीदा, लेकिन भुगतान मात्र 137.07 करोड़ का ही किया गया। इस प्रकार बजाज मिल पर अभी भी 82.36.83 करोड़ रुपया बकाया है। इसी प्रकार पूरनपुर और बीसलपुर की सहकारी चीनी मिलों पर 17.02 करोड़ व 19.42 करोड़ रुपया बकाया है।