कस्बे में स्थित दरगाह शौकत मियां रविवार शाम दिल्ली से आए कव्वाल फईम वारसी ने कव्वालियां पेश कर समां बांधा। सोमवार सुबह कव्वाली के बाद हाफिज समीउल्लाह, कारी शाकिर रजा, कारी जहूर अहमद ने फा फातिहा दिलाई। दोपहर करीब 12 बजे कुलशरीफ की रस्म अदा की गई। अकीदतमंदों ने मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ फरमाई। इस मौके पर खादिम शफीक मियां नियाजी, नगर पंचायत चेयरमैन एजाज अहमद, डॉ. अखलीम, नदीम नियाजी, अफरोज बेग समेत तमाम अकीदतमंद मौजूद रहे। उधर, सरौरी में चल रहे ख्वाजा इमाम शाह वली के तीन दिनी उर्स का सोमवार को कुलशरीफ के साथ समापन हो गया। दरगाह शरीफ पर सुबह प्रोग्राम का आगाज मौलाना मोहम्मद मियां कादरी ने कुरानेपाक की तिलावत से किया। आल इंडिया उलेमा मशाइख बोर्ड के मंडलीय अध्यक्ष मुफ्ती साजिद हसनी कादरी ने हजरत ख्वाजा इमाम शाह वली के जिंदगी पर तफसील से रोशनी डाली। कहा कि मुस्लिम समुदाय की तरक्की दीनी व दुनियावी तालीम पर पर टिकी है। लोग अपने बच्चों खासकर लड़कियों को तालीम दिलवाए। किछौछा शरीफ के मुफ्ती अशफाक हुसैन ने कहा कि मुसलमानों को नमाज, रोजा, जकात पर अमल करना चाहिए। मुफ्ती इरशाद हुसैन ने कहा कि सूफी संतों की दरगाह हमारी अकीदत का मरकज है। हमें बुजुर्गों से मोहब्बत करनी चाहिए। इसके बाद कुलशरीफ हुआ। जिसमें सज्जादानशीन हजरत शफी अहमद मियां कादरी ने मुल्क में अमनो अमान की दुआ फरमाई। इस मौके पर हजरत आफताब मियां इमामी, मोहम्मद इमरान इमामी, मुस्तकीम अंसारी, मुफ्ती अशफाक हुसैन, जानेआलम अशरफी आदि शामिल रहे।