पीलीभीत। स्वाशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में बुधवार से शिक्षण कार्य शुरू हो जाएगा। अब तक 100 में से 92 सीटों पर दाखिले हो गए हैं। कॉलेज में नीट में 640 नंबर लाने वाले विद्यार्थियों ने भी प्रवेश लिया है।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए शासन की ओर से वर्ष 2020 में पीलीभीत को मेडिकल कॉलेज की सौगात दी गई। इसके बाद अप्रैल 2022 में 254 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू हुआ। शहर से करीब 10 किमी दूर असम हाईवे पर खाग गांव के पास एकेडमिक भवन का निर्माण कराया गया, जबकि ओपीडी समेत 300 बेड का अस्पताल जिला अस्पताल से लगी आइटीआई की भूमि पर किया गया।
इसके बाद प्रक्रिया में तेजी आई। जुलाई 2024 में एनएमसी की ओर से शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में एमबीबीएस विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए 100 सीटों के लिए अनुमति दी गई। काउंसलिंग के बाद मेडिकल कॉलेज में 92 सीटों पर दाखिले हुए। अब बुधवार से शिक्षण कार्य शुरू हो जाएगा।
जूनियर और सीनियर रेजीडेंट की कमी होगी दूर, बढ़ेंगी सुविधाएं
मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र शुरू होने से अब यहां की अव्यवस्थाएं दूर हो जाएंगी। जूनियर और सीनियर रेजीडेंट की कमी दूर होने के साथ सुविधाओं में भी विस्तार होगा। नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
काउंसलिंग के बाद यह है एक विद्यार्थी का सालाना खर्च
काउंसलिंग के बाद मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का आरक्षण के अनुसार खर्च निर्धारित किया गया है। इसमें ओबीसी के तहत आने वाले विद्यार्थियों को साल में 31,800 रुपये व जनरल श्रेणी में आने वालों को 40,800 रुपये जमा करना होगा। इसमें शिक्षण कार्य के अलावा हॉस्टल का खर्च शामिल है। मैस के लिए विद्यार्थी को 3800 रुपये प्रति माह जमा करना होगा।
अब तक मेडिकल कॉलेज में 92 सीटों पर दाखिले हो चुके हैं। सभी दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों ने फीस जमा कर दी है। 50 विद्यार्थी कैंपस में पहुंच चुके हैं। विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और व्यवस्थाएं मुहैया कराने पर जोर दिया जा रहा है।
- डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य