पीलीभीत। पीटीआर के जंगल से सटे संवेदनशील गांवों में अब मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं रोकने के लिए स्ट्रीट लाइट लगवाई जाएंगी। प्रदेश सरकार की पहल के बाद सीएसआर फंड के जरिये स्ट्रीट लाइट लगाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इससे पीटीआर से सटे 700 गांवों में स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। हालांकि अफसरों का कहना है कि 200 गांव में पहले ही लाइट लगवा दी गईं थी।
73 हजार वर्ग हेक्टेयर में फैले पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल से सटे करीब 700 गांव है। इन गांवों की सीमा में अक्सर बाघ समेत अन्य वन्य जीवों की चहलकदमी बनी रहती है। इनमें से कई गांव ऐसे हैं जो मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर अति संवेदनशील माने जाते हैं। इनमें कलीनगर और न्यूरिया क्षेत्र के गांव शामिल हैं।
इन गांव में बाघों की चहलकदमी के चलते संघर्ष की घटनाएं भी बनी रहती हैं। पूर्व में कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। इधर मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने पहल शुरू की। इसके लिए सीएसआर फंड के जरिये जंगल सीमा से सटे संवेदनशील गांवों में स्ट्रीट लाइट लगवाने पर जोर दिया जा रहा है। जिसके चलते पीलीभीत में भी व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि संवेदनशील गांव में स्ट्रीट लाइट लगवाने का कार्य शीघ्र ही की शुरू कराया जाएगा।