पीलीभीत। मंडी समिति के सचल दल को असम हाईवे पर एक चावल मिल के निरीक्षण के दौरान धान का करीब 54 क्विंटल स्टॉक अधिक मिला। यही नहीं किसानों से सीधे धान की खरीद भी की जा रही थी। इसपर सचिव ने सभापति के निर्देश पर राइस मिल का लाइसेंस निलंबित कर दिया। मंडी प्रशासन की इस कार्रवाई से खलबली मची हुई है।
मंडी समिति के सचल दल ने छह अक्तूबर को फर्म मैसर्स श्रीजी राइस इंडस्ट्रीज के अंतर्गत फर्म मोतीराम विनोद कुमार के यहां धान भरे ठेले को चेक किया। स्थानीय गेट पास के लिए जो पर्ची जारी की गई थी, उस पर 180 बोरा, वजन 117 क्विंटल अंकित था।
मंडी चेकपोस्ट से स्थानीय गेटपास संख्या 738/097 पर्ची के अनुसार जारी किया गया था। ठेले में धान अधिक होने की आशंका में मंडी स्टॉफ ने बोरियों की गिनती की। गिनती में ठेले में 264 बोरी निकलीं जो स्थानीय गेटपास में अंकित बोरों से 84 बोरा अधिक पाई गईं। वजन भी अधिक था।
यह भी सामने आया कि फर्म मैसर्स श्रीजी राइस इंडस्ट्रीज पर सीधे किसानों से सीधे धान की खरीद की जा रही थी। यह भी सामने आया कि फार्म 6 आर भी जारी नहीं हुआ था। धान का वजन 462.10 क्विंटल था। सामने आया कि फर्म मंडी शुल्क एवं विकास सैस का अपवंचन कर रही थी।
इसपर मंडी स्टॉफ ने फर्म के लाइसेंस के निलंबन की संस्तुति की। बाद में इस रिपोर्ट पर नगर मजिस्ट्रेट / सभापति ने फर्म श्रीजी राइस इंडस्ट्रीज का लाइसेंस निलंबित करने का आदेश दिया। सचिव सुभाष सिंह ने बताया कि सभापति के निर्देश पर राइस मिल का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।