मेडिकल कॉलेज में भर्ती रिजवान । संवाद
पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज में एक मरीज ने किडनी में पथरी होने की समस्या पर ऑपरेशन कराया। इसके बाद उसे वार्ड में भर्ती कर दिया गया। बाद में जानकारी हुई कि पथरी तो जस की तस है। वह ऑपरेशन में भी नहीं निकल सकी है। मामले का खुलासा होने पर जिलाधिकारी ने सीएमओ एवं प्राचार्य से जानकारी लेते हुए लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शहर के मोहल्ला पंजाबियान के रहने वाले रिजवान की किडनी में पथरी की शिकायत थी। वह पिछले शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज आया। वहां पर सर्जन को दिखाया और जांच कराई। इसके बाद शनिवार को उसका आपरेशन किया गया। रिजवान का आरोप है कि आपरेशन में पथरी निकल जाने की बात कही गई थी। जब उसने अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे कराया तो पथरी पूर्ववत थी।
रिजवान के अनुसार उसने चिकित्सक से कहा तो उन्होंने बताया कि पथरी काफी धंसी हुई थी, इसलिए नहीं निकल सकी। अब दोबारा दूरबीन विधि से जख्म सूखने के बाद पथरी को निकाला जाएगा।
रिजवान का आरोप है कि उसके साथ धोखा किया गया है। वार्ड में भी उसके साथ स्टाफ सही बात नहीं करता है। मरीज के इन आरोपों की जानकारी होने पर डीएम संजय कुमार सिंह ने प्राचार्य और सीएमओ से इस मामले को लेकर जानकारी ली।
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प्राचार्य और सीएमओ ने बताया कि मरीज को बताया गया था कि पथरी अभी निकली नहीं है, अब उसको हायर सेंटर भेजा जाएगा ताकि पथरी को निकाला जा सके।
- संजय कुमार सिंह, डीएम
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पथरी किडनी में थी। जब आपरेशन किया गया तो पथरी काफी अंदर धंस गई। इस कारण दिक्कत हुई। मरीज को पथरी न निकलने की जानकारी दे दी गई थी। अब जख्म ठीक होने पर मरीज को हायर सेंटर रेफर किया जाएगा।
- डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज