पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज में इलाज न मिलने से गर्भवती की मौत के मामले में मानवाधिकार आयोग की सख्ती के बाद डीएम की ओर से गठित टीम ने जांच शुरू करते हुए प्रकरण से जुड़े दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए।
शहर से सटे अलीगंज गांव की गर्भवती पूनम पांच मई को बेसुध हालत में परिजनों के साथ ई-रिक्शा से मेडिकल कॉलेज पहुंचीं थी। इसके बाद महिला अस्पताल में गेट पर खड़े रहने के बाद भी उपचार की व्यवस्था नहीं की गई। अस्पताल में ले जाने के बजाय कही और दिखाने की बात कहने के भी आरोप लगे थे।
चिकित्सक पर आईसीयू की व्यवस्था न होने का हवाला देकर टरकाने का आरोप लगाया गया था। निजी अस्पताल ले जाने पर भी इलाज नहीं मिला था। इलाज के अभाव में गर्भ में पल रहे बच्चे और गर्भवती की मौत हो गई थी। मामले की शिकायत के बाद मानवाधिकार आयोग की ओर से सख्ती करते हुए पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की गई। जिस पर डीएम ने टीम गठित की।
इसमें सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा, एसडीएम देवेंद्र सिंह व सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी को नामित किया गया। सोमवार को टीम ने प्रकरण से जुड़े चिकित्सक, कर्मचारियों के बयान लिए।