पीलीभीत। रक्षाबंधन पर्व पर मुख्यमंत्री ने रोडवेज बसों में बहनों के लिए मुफ्त सफर की सौगात दी है, लेकिन परिवहन निगम बसें ही उपलब्ध नहीं करा सका। हालांकि निगम प्रशासन ने सभी रूटों पर बसों के फेरा बढ़ाने का दावा किया था, लेकिन पर्व के पहले दिन ही बहनों को घंटों इंतजार के बाद भी रोडवेज बसें नहीं मिलीं। हारकर उन्हें डग्गामार वाहनों में तमाम मुसीबतें झेलकर भाइयों के घर जाना पड़ा। बु
रक्षाबंधन पर्व को लेकर इस बार भी मुख्यमंत्री ने रोडवेज बसों में बहनों के लिए मुफ्त यात्रा की सौगात दी है। चूंकि इस बार रक्षाबंधन दो दिन मनाया जा रहा है, लिहाजा रोडवेज बसों में 29 अगस्त रात 12 बजे से 31 अगस्त रात 12 बजे तक महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा का तोङपा दिया गया है। शासन से आदेश आने के बाद पीलीभीत डिपो ने भी बेहतर सुविधाएं देने का वादा किया था।
कहा गया था कि बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे, लेकिन यह दावा दो दिन के पर्व के पहले दिन में ही धड़ाम हो गया। असम हाईवे पर बहनों को बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। इस दौरान यदि कोई बस आई भी तो उसमें भीड़ के कारण महिलाएं सवार नहीं हो सकीं। हारकर उन्हें पूरनपुर, गजरौला, सकरिया, बीसलपुर, माधोटांडा आदि स्थानों को जाने के लिए डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। इनमें मनमाना किराया देने के बाद भी महिलाओं को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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पूरनपुर में भी महिलाओं को नहीं मिला मुफ्त यात्रा का लाभ
फोटो 30 पीबीटीपी 21
पूरनपुर। क्षेत्र में रोडवेज बसों के संचालन की खराब स्थिति के चलते अधिकांश महिलाओं को भाइयों के घर तक पहुंचने के लिए डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। रक्षाबंधन का पर्व कई स्थानों पर बुधवार को भी मनाया गया। इसके चलते खासी भीड़ रही। कलीनगर रोड के अलावा भगवंतापुर, घुंघचाई, कुर्रैया, जोगराजपुर आदि स्थानों पर आवागमन के लिए डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। पर्व को लेकर क्षेत्र में अतिरिक्त रोडवेज बसों की व्यवस्था नहीं की गई। असम हाईवे के सिरसा चौराहा, बंडा चौराहा, माधोटांडा रेलवे क्रॉसिंग, बिलहरी, टंडोला, हुसैनापुर आदि स्थानों पर महिलाओं को रोडवेज बसें न मिलने पर डग्गामार वाहनों से सफर करना पड़ा।
पूरनपुर के असम हाइवे पर बस में चढ़ने की मशक्कत करते यात्री । संवाद