पूरनपुर। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से बृहस्पतिवार को कटान धीमा रहा। नदी चंदिया हजारा के तपन हलधर और शंभू के खेत का सफाया करने के बाद अब देवचरन के खेत का कटान कर रही है। कटान रोकने के लिए देवचरन के खेत में परकोपाइन लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
नदी का जलस्तर बढ़ने पर पानी को सुतिया नाले में जाने से रोकने के लिए गांव खिरकिया बरगदिया के समीप कुछ लोगों ने मिट्टी भरे बोरे लगा दिए हैं। इससे नाले में जाने के बजाय पानी का रुख कॉलोनी नंबर छह की ओर हो गया है। पानी के आबादी के नजदीक पहुंच जाने से ग्रामीण चिंतित हैं। इधर, खेतों में पानी भर जाने से फसलें बर्बाद होने लगी हैं।
शारदा नदी के कटान की रफ्तार जलस्तर बढ़ने पर धीमी हो जाती है। चार दिन से नदी का जलस्तर कम होने पर तेजी से कटान हो रहा था। बृहस्पतिवार को जलस्तर बढ़ने पर कटान की गति तो धीमी हो गई, लेकिन नदी का पानी नालों से होकर आबादी की ओर बढ़ने लगा। बुधवार को नदी ने गांव के तपन हलधर, प्रेम मंडल, शंकर सरकार, अंगूर सरकार, कविता मंडल, संजय मंडल, तारापद, तारक मिस्त्री और बुद्ध मिस्त्री के खेतों का सफाया किया।
प्रधान वासुदेव कुंडू ने बताया कि तपन हलधर और शंभू हलधर का पूरा खेत नदी में समा गया है। नदी अब देवचरन के खेत का कटान कर रही है। कटान रोकने के लिए बाढ़ खांड ने बृहस्पतिवार से बंबूक्रेट के साथ ही परकोपाइन लगाने का काम शुरू कर दिया है। जलस्तर बढ़ने पर नदी का पानी सुतिया नाले में जाने लगा। इस पर गांव खिरकिया बरगदिया के समीप कुछ लोगों ने मिट्टी भरे कट्टे लगाकर नाला बंद कर दिया।
इससे नदी के पानी का रुख अब कॉलोनी नंबर छह की ओर हो गया। खेतों में भरने के बाद पानी आबादी की ओर बढ़ रहा है। खेतों में पानी भरने से फसलें बर्बाद हो रही हैं। प्रधान ने बताया कि नदी का पानी नाले में जाने से रोकने की पहले भी अफसरों से शिकायत की गई थी। तब टीम ने पहुंचकर बोरे हटवाए थे। शुक्रवार को फिर एसडीएम से मिलकर पानी बंद करने की शिकायत की जाएगी।
गांव चंदिया हजारा के समीप कटान रोकने को लगाई जाती परकोेपाइन । सौजन्य प्रधान