शारदा नदी के किनारे गांव चंदिया हजारा के समीप निरीक्षण करते एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला।स्रोत:प्र
पूरनपुर। शारदा नदी उफनाने से आसपास के खेतों और मार्गों पर पानी भर गया है। रविवार देरशाम नदी में 2.12 लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा गया, जिससे बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में एसडीएम ने भी स्थिति का जायजा लिया। साथ ही जियो बैग के बंधे के आगे और पीछे से आबादी की ओर घुस रहे पानी को बंद कराने के बाढ़ खंड के जेई को निर्देश दिए।
नदी के उफनाने से किनारे के गांवों में आबादी के अंदर जलभराव तो नहीं हुआ है, लेकिन खेत जलमग्न हो गए हैं। मार्गों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में दिक्कत आ रही है। बाढ़, कटान से बचाव के लिए जियो बैग के बनाए गए बंधे में दरारें पड़ने लगी हैं। ऐसे में जलस्तर शीघ्र कम न होने पर बाढ़ की आशंका से नदी किनारे के लोग परेशान हैं।
जिस स्थान पर जियो बैग लगाए गए हैं उसके आगे से नदी का पानी कॉलोनी नंबर छह, खिरकिया बरगदिया होते हुए करीब तीन किलोमीटर बाद फिर नदी में गिर रहा है। शारदा नदी के पार गांव नहरोसा और राणाप्रताप नगर के समीप बाढ़ से बचाव के लिए जियो बैग से बनाया गया बंधा क्षतिग्रस्त होने से नदी का पानी खेतों में घुसने लगा है।
रविवार को एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला ने बाढ़ खंड के जेई प्रभूदयाल मौर्य, चंदिया हजारा के प्रधान वासुदेव कुंडू के साथ ट्रैक्टर से नदी किनारे तक पहुंचकर स्थिति का जायजा किया। एसडीएम ने बताया कि जिस स्थान तक जियो बैग लगाए गए है उसके आगे से आबादी की ओर घुस रहे पानी को बाढ़ खंड के जेई को बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं।
नदी का पानी खेतों और कुछ मार्गों पर एक फुट तक चल रहा है। फिलहाल नदी अभी आबादी से दूर है, लेकिन फिर भी बाढ़ की आशंका पर लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए है।
एसडीएम ने बताया कि उन्होंने शरणालय का भी निरीक्षण किया। गंदगी मिलने पर ग्राम प्रधान को सफाई कराने के निर्देश दिए।