पीलीभीत। छेड़छाड़ से आहत छात्रा के आत्महत्या करने के मामले में सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा ने मां-बेटा सहित तीन दोषियों को सात वर्ष कैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पिता की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया था कि उसकी पुत्री कक्षा 10 की छात्रा थी, जो माला क्षेत्र के एक एक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ती थी। गजरौला थाना क्षेत्र के गांधीनगर कॉलोनी निवासी अभियुक्त सूरज मंडल उसकी बेटी को स्कूल में जाकर काफी परेशान करता था। रास्ते में भी छेड़छाड़ करता था। आरोपी से परेशान होकर बेटी ने गजरौला के एक इंटर कॉलेज में दाखिला ले लिया था।
इसके बाद भी सूरज ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और कॉलेज आते-जाते उसे परेशान करता रहता था। 22 अक्तूबर, 2018 को सुबह करीब आठ बजे जब उसकी बेटी घर से कॉलेज जा रही थी, तभी रास्ते में सूरज मंडल, अमेला हलधर व मैना मंडल ने उसे नवदिया तिराहे पर रोक लिया। सूरज ने बेटी का हाथ पकड़कर कहा कि वह उससे विवाह करना चाहता है। राहगीरों के आने पर आरोपी वहां से चले गए। घटना की जानकारी बेटी ने घर आकर दी। इस घटना से बेटी इस कदर आहत हो गई कि उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना पूरी की और आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद तीनों को सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराध) महेंद्र पाल गंगवार ने की।