पीलीभीत। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार यादव ने धोखाधड़ी कर जमीन का बैनामा करने का आरोप सिद्ध होने पर दोषी को सात साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार अमृतसर निवासी सिकत्तर सिंह ने एसपी को दी गई तहरीर में कहा कि अमृतसर निवासी जगजीत सिंह से अच्छी जान पहचान थी।
जगजीत सिंह ने उसे बताया कि उसका एक भाई कुलवीर सिंह व भतीजा शमशेर सिंह पीलीभीत के माधोटांडा क्षेत्र के ग्राम मथना जप्ती में रहते हैं। वहां उनकी 40 एकड़ जमीन है। जिसमें चार सह खातेदार हैं। भतीजे शमशेर सिंह को रुपयों की जरूरत है। तुम उसके हिस्से की जमीन खरीद ले लो। उसके विश्वास पर आधा एकड़ जमीन 6,50000 रुपये में खरीद ली। जिसका बैनामा करवा लिया और जमीन बंटाई पर देकर चला गया।
कुछ महीने बाद जमीन का दाखिल खारिज कराने के लिए लेखपाल से मिलने पर पता चला कि उस जमीन का बैनामा गुरिंदर सिंह नामक व्यक्ति को पहले ही किया जा चुका है। जगजीत सिंह व शमशेर सिंह से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि गुरिंदर सिंह के रुपये वापस कर उसका बैनामा रद्द करवा देंगे, मगर ऐसा नहीं किया गया। तब उसे धोखाधड़ी का एहसास हुआ।
तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना की गई। विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। पत्रावली का अवलोकन करने, गवाहों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोप सिद्ध पाए जाने पर सजा सुनाई गई।