पीलीभीत। जिले में सारसों की गणना पूरी होने के बाद उसका परिणाम सामने आ गया है। एक साल में जिले में सात सारस बढ़ गए हैं। इनमें 96 व्यस्क हैं जबकि तीन बच्चे हैं।
शासन के आदेश पर पूरे प्रदेश में राज्य पक्षी सारस की गणना सोमवार और मंगलवार को कराई गई थी। सारस जंगल के बाहरी क्षेत्र में ही रहते हैं। इन इलाकों को चिह्नित कर वन विभाग की टीम ने सुबह छह से आठ एवं शाम को चार से छह बजे के बीच सारस की गणना कराई। गणना में सामाजिक वानिकी की पीलीभीत, पूरनपुर और बीसलपुर रेंज के कर्मचारियों को जुटाया गया। टीमों ने सारस की मौजूदगी वाले संभावित स्थानों पर जाकर गणना की। टीमें एक साथ उन ठिकानों पर गईं जहां सारसों का बसेरा था। इससे सारसों की दो बार गिनती की संभावना नहीं रहती।
प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2022 में हुई शीतकालीन गणना में पीलीभीत जिले में सारस की संख्या 92 थी। इस बार इनकी संख्या में बढो़त्तरी हुई है। इस बार राज्य पक्षी की संख्या जिले में बढ़कर 99 हो गई है। इसमें तीन बच्चे हैं, जबकि 96 व्यस्क हैं। पिछले साल 2022 में जिले में सारस की संख्या 92 थी।
2019 के बाद पहली बार इतनी तेजी से बढ़े सारस
राज्य पक्षी सारस की गिनती हर साल होती है। लेकिन पहली बार इतनी तेजी से जिले में सारस बढ़े हैं। 2019 में जिले में 84 सारस थे। इसके बाद 2020 में इनकी संख्या में महज चार का ही इजाफा हो सका। 88 सारस 2020 में थे। 2020 से 2021 तक महज एक साल में महज एक सारस ही बढ़ा। 2021 में संख्या 88 से बढ़कर 89 हुई। इसके बाद 2022 तक मतलब एक साल में तीन सारस ही बढ़े और संख्या बढ़कर 92 हो गई। 2019 के बाद पहली बार हुआ है जब एक साल में सात सारस बढ़े हो। इस बार एक साल में सात सारस बढ़ गए।