पूरनपुर। सहकारी गन्ना समिति में सात दिवसीय सट्टा मेला शुरू हुआ। मेला में प्राथमिक कैलेंडर वितरण के बाद गन्ना सट्टा में रही कमियों को किसान सही करा सकेंगे। मेला में पर्यवेक्षक और सर्किलवार व्यवस्था की गई है। मेले में पहले दिन 54 किसानों ने अपनी आपत्तियां दीं। इसमें से 47 का मौके पर निस्तारण करा दिया गया। पूरनपुर समिति पहुंंचकर जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव ने मेला का निरीक्षण किया।
सात दिवसीय समिति स्तरीय सट्टा प्रदर्शन मेला में 24 गन्ना पर्यवेक्षकवार, सर्किलवार मेजें लगाई गई हैं। मेला में बारिश के बाद भी किसानों की भीड़ लगी। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक/ सहकारी गन्ना समिति सचिव संजय श्रीवास्तव ने बताया कि मेला में पहले दिन 54 किसानों ने अपनी आपत्ति दीं। इसमें से 47 का मौके पर ही निस्तारण करा दिया गया।
जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव ने समिति सचिव को निर्देश दिए कि आगंतुक गन्ना किसानों के लिए स्वच्छ पेयजल एवं बैठने की समुचित व्यवस्था रखें। नए सदस्य बनाने एवं उपज बढ़ोतरी की रसीद काटने के लिए अलग से काउंटर खुलवाने, गन्ना किसान समिति सदस्यता को ऑनलाइन आवेदन न कर पाने वाले किसानों के लिए ऑनलाइन सदस्यता को अलग से काउंटर खुलवाने आदि के निर्देश दिए।
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि मेले में पहले दिन जिले की सभी समितियों में 178 आपत्तियां प्राप्त हुईं, जिसमें से 159 का मौके पर निस्तारण किया गया है। मेले में 54 किसानों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसमें 47 का निस्तारण कर दिया गया
11 से 22 सितंबर तक लगेगा समिति स्तरीय सट्टा प्रदर्शन मेला
पीलीभीत। अतिलघु किसानों को गन्ना आपूर्ति में विशेष प्राथमिकता देने के लिए प्रदेश सरकार ने गन्ना सट्टा व आपूर्ति नीति जारी की है। इसके लिए जनपद में 11 से 22 सितंबर तक समिति स्तरीय सट्टा प्रदर्शन मेला लगेगा।
नीति के तहत पहली बार नए सदस्यों को पेराई सत्र 2023-24 में चीनी मिल की औसत गन्ना आपूर्ति या गन्ना उत्पादकता का 65 प्रतिशत सीमा तक गन्ना सट्टा का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए निर्धारित बिंदुओं पर जांच-पड़ताल की जाएगी। नीति के माध्यम से मिलों की पेराई क्षमता, गन्ना किसानों की गन्ना आपूर्ति में सुविधा, गन्ना उत्पादन व चीनी मिलों को गन्ने की उपलब्धता में संतुलन बनाया जा सकेगा। संवाद