बृहस्पतिवार की रात टाह गांव के निकट बाघ दिखने की सूचना से सनसनी फैल गई। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो वहां फिशिंग कैट के पंजे मिले।
रम्पुरा में ब्रह्मस्वरूप पर हमले के बाद बाघ भले ही जंगल चला गया हो लेकिन उसकी दहशत कायम है। दो दिन पूर्व वल्देवपुर गांव के निकट बाघ दिखने की सूचना पर वन विभाग की टीम हथिनियों के साथ मौके पर पहुंची थी लेकिन सूचना गलत मिली। इसके बाद बृहस्पतिवार की रात टाह गांव निवासी जगजीत सिंह के फार्म हाउस के निकट बाघ दिखने की सूचना वन विभाग को दी गई। सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो जगजीत सिंह ने उन्हें फार्म हाउस के खेत में बाघ के बैठने और पंजे के निशान दिखाए। किसान ने बताया कि बाघ पूरी रात उनके फार्म हाउस के पीछे गेहूं के खेत में बैठा रहा। वन विभाग की टीम ने जांच कर पगचिह्न ट्रेस किए। जांच में यह पंजे फिशिंग कैट के मिले। सामाजिक वानिकी के वन क्षेत्राधिकारी गजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि बाघ की सूचना पर टीम भेजी गई थी। जांच में बाघ के कोई चिह्न नहीं मिले हैं।