पूरनपुर। गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में चल रही दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का बुधवार को समापन हो गया। दूसरे दिन संगोष्ठी में बीज, खाद संरक्षण की जानकारी दी गई। कहा गया कि किसान उत्पादन पर जोर दे रहा है, जमीन पर नहीं। कई ऐसे कीटनाशक प्रयोग किए जा रहे हैं, जो बेहद हानिकारक हैं। प्राकृतिक खेती से जमीन की उपजाऊ क्षमता बढ़ने के साथ लोगों को कई बीमारियों से भी निजात मिलेगा।
संगोष्ठी का दूसरे दिन विधायक बाबूराम पासवान, भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अशोक मित्तल ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया। वैज्ञानिक डॉ. सुभाष सिंह ने किसानों को बीज और खाद संरक्षण की जानकारी दी। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति एडीएन वाजपेयी और अपर गन्ना आयुक्त बीबी सिंह ने ऑनलाइन जुड़कर किसानों को जैविक खेती तथा बायो फर्टिलाइजर के प्रयोग की जानकारी दी। डॉ. अरुण ने भी ऑनलाइन जुड़कर कहा कि किसान उत्पादन ध्यान दे रहा है। जमीन पर नहीं। प्रकृति से खिलवाड़ कर सब्जियों में भी ऐसे कीटनाशक प्रयोग किए जा रहे है जो शरीर के लिए बेहद घातक है और लोगों में बीमारियां पैदा कर रहे है। लोगों को अपनी रक्षा को स्वयं और लोगों को जागरूक करना होगा। एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने कहा कि प्राकृतिक खेती के साथ लोगों को प्रकृति की रक्षा करनी चाहिए। सभी वृक्ष लगाने और उसकी देखरेख का संकल्प लें। प्रगतिशील किसानों गुरमंगद सिंह, जितेंद्र सिंह आदि ने विचार रखे। प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने आभार व्यक्त किया। जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र मिश्र, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक संजय सिंह, सतेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ. पिंदर सिंह ने किया।