पीलीभीत। बसंतापुर और पुरवाभूड़ा स्थित गोआश्रय स्थल में व्याप्त अव्यवस्थाओं और मृत पशुओं के शव पानी में उतराने के मामले में सचिव को दोषी मानते हुए निलंबित किया गया है। मामले की जांच बीडीओ अमरिया को दी गई है।
हिंदू महासभा के युवा जिलाध्यक्ष गौरव शर्मा, युवा जिला महामंत्री आयुष सक्सेना, अजय शर्मा, नगर अध्यक्ष सुनील कश्यप, हिमांशु कश्यप, दीपक वर्मा, अर्जुन आदि कार्यकर्ता रविवार को गोआश्रय स्थलों में पहुंचे थे। बसंतापुर में जलभराव के बीच मृत पशुओं के शव पानी में उतरा रहे थे। ऐसा ही हाल पुरवा भूड़ा में भी था। देवीपुरा में पशु कीचड़ में खड़े हुए थे।
मामले को अमर उजाला ने सोमवार के अंक में प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर देवेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद और बीडीओ मृदला ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में बसंतापुर और पुरवाभूड़ा में अव्यवस्थाएं मिलीं। जांच रिपोर्ट डीपीआरओ को दी गई थी। इसमें सचिव मोहम्मद रिजवान को दोषी माना गया था।
जांच रिपोर्ट पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मामले की जांच बीडीओ अमरिया को सौंपी है। इधर निलंबित सचिव की पंचायत बसंतापुर, कैम, मरौरी, मोहनपुर, मुड़िया रतनापुरी, पुरवा भूड़ा की जिम्मेदारी मनोरंजन सिंह और अलकथान, लौकहा, नरायनठेर, प्रतापपुर, सिसैइया और बरस्थना ग्राम पंचायतें मेवालाल को दी गई हैं। डीपीआरओ सतीश कुमार सिंह ने बताया जांच में लापरवाही की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की गई है।
डीएम ने निरीक्षण के दिए निर्देशजिले के गोआश्रय स्थलों में व्याप्त अव्यवस्थाओं का मामला तूल पकड़ने लगा है। डीएम भी इसको लेकर गंभीर हुए हैं। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारी एवं खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने तहसील क्षेत्र में संचालित गोआश्रय स्थलों का निरीक्षण करें। तीन दिन में गोआश्रय स्थलों के फोटोग्राफ सहित अपनी निरीक्षण आख्या पेश करें। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संरक्षित गोवंश की प्राकृतिक अथवा बीमारी से मृत्यु होने की दशा में शव को नियमानुसार दफनाने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि वह भी समय-समय पर निरीक्षण करेंगे।